समग्र समाचार सेवा
फ्रैंकफर्ट, जर्मनी, 22 सितंबर: इंटरनेशनल मैथिल डायस्पोरा (IMD) द्वारा जर्मनी में दो दिवसीय प्रथम ‘विद्यापति समारोह’ का अत्यंत भव्य, गरिमामय और ऐतिहासिक आयोजन किया गया। महाकवि विद्यापति की स्मृति एवं मैथिल संस्कृति, कला और साहित्य के संरक्षण-संवर्धन को समर्पित इस विशेष आयोजन में जर्मनी के कोने-कोने से पधारे मैथिल समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रथम दिन: आत्मीयता से परिपूर्ण ‘मिथिला मिलन’
दो दिवसीय समारोह के पहले दिन ‘मिथिला मिलन’ का आयोजन किया गया। इस अनूठे मिलन समारोह में फ्रैंकफर्ट, हैम्बर्ग, ब्रेमन, माग्देबर्ग, एरलांगन, नूर्नबर्ग, आचेन (Aachen) और सैक्सनी-अनहाल्ट (Saxony-Anhalt) जैसे जर्मनी के विभिन्न राज्यों व शहरों से लगभग 70 मैथिल, मैथिलानियों और बच्चों ने हिस्सा लिया।
सुदूर परदेस में अपनी जड़ों से जुड़ने के इस पावन अवसर पर सभी परिवारों ने एक-दूसरे से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान सभी ने परस्पर मेल-जोल बढ़ाने, एक-दूसरे का सहयोग करने तथा अपनी भावी पीढ़ी को मैथिल संस्कृति व परंपराओं से जोड़े रखने का संकल्प लिया।

द्वितीय दिन: मुख्य समारोह एवं मुख्य अतिथि का संबोधन
समारोह के दूसरे दिन मुख्य कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में पधारे श्री राजीव कुमार (वाइस काउंसल, भारतीय वाणिज्य दूतावास, फ्रैंकफर्ट / Consulate General of India, Frankfurt) द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
अपने मुख्य अतिथीय संबोधन में वाइस काउंसल श्री राजीव कुमार जी ने विदेशों में अपनी भाषाई और सांस्कृतिक जड़ों को सहेजने के इन प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और महाकवि विद्यापति के वैश्विक योगदान को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में श्री केशव झा ने स्वागत भाषण दिया और दूर-दराज के शहरों से पधारे सभी अतिथियों, कलाकारों एवं प्रतिभागियों का आत्मीय अभिनंदन किया।

कुशल मंच संचालन एवं डिजिटल/सोशल मीडिया प्रबंधन
समारोह के मंच का सफल और प्रभावी संचालन श्रीमती पल्लवी झा, सुश्री वत्सला झा और डॉ. दीपक मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम में दर्शकों का उत्साह बनाए रखा।
इसके साथ ही, कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार और डिजिटल पहुँच को सुनिश्चित करने के लिए सोनी प्रिया द्वारा सोशल मीडिया प्रबंधन का दायित्व कुशलतापूर्वक निभाया गया।

मिथिला प्रदर्शनी और पारंपरिक परिधान
मुख्य समारोह के अवसर पर एक विशेष मिथिला प्रदर्शनी आयोजित की गई, जो दर्शकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। इसमें मिथिला के प्रसिद्ध व्यंजनों, खान-पान की सामग्रियों तथा विशुद्ध मखाने इत्यादि को प्रदर्शित किया गया।
समारोह की सांस्कृतिक भव्यता तब और निखर उठी जब अधिकांश मैथिल पुरुष पारंपरिक लाल पाग (पाग-दोपट्टा) एवं मैथिलानी पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे नज़र आए। पूरा सभागार मिथिला की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर दिखा।
विभिन्न संस्थाओं का सराहनीय सहयोग
इस कार्यक्रम की सफलता में विभिन्न स्थानीय व सामाजिक संस्थाओं ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें मुख्य रूप से ‘फ्रैंकफर्ट डिवाज़’ (Frankfurt Divas) शामिल रही, जिसने स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आयोजन में विशेष भूमिका निभाई। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी इस आयोजन में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया।
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं बच्चों का हुनर
इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं:
बच्चों की सहभागिता: कार्यक्रम में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मैथिलानियों का पारंपरिक नृत्य: मैथिलानियों ने मैथिली लोकगीतों और विद्यापति पावन पदावलियों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समुदाय का समावेश: फ्रैंकफर्ट और आसपास के अलग-अलग समुदायों व संगठनों के लोगों ने भी इस सांस्कृतिक उत्सव में उत्साहपूर्वक भागीदारी की, जिससे बहुसांस्कृतिक भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।
‘मिथिला प्रभा’ पत्रिका का विमोचन
समारोह के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब स्मृति पत्रिका ‘मिथिला प्रभा’ का गरिमामय विमोचन मुख्य अतिथि एवं गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया।
इस पत्रिका के प्रमुख संपादक डॉ. राजेश कुमार मिश्रा हैं। संपादक एवं सह-संपादक मंडल में श्रीमती पल्लवी झा, श्रीमती निरूपमा झा, डॉ. संजीत झा, श्री प्रदीप झा एवं श्री संजय कुमार शामिल थे। यह पत्रिका विदेशों में मैथिली भाषा, साहित्य और कला को जीवंत रखने तथा भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है।
समारोह के सफल समापन पर डॉ. राजेश कुमार मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन (Vote of Thanks) प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि वाइस काउंसल श्री राजीव कुमार (भारतीय वाणिज्य दूतावास, फ्रैंकफर्ट), सभी सहयोगी संस्थाओं, कलाकारों, डिजिटल/सोशल मीडिया टीम, स्वयंसेवकों और जर्मनी के विभिन्न शहरों से पधारे सभी अतिथियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन पारंपरिक मैथिल व्यंजनों के स्वाद और सौहार्दपूर्ण मिलन-जुलन के साथ हुआ।