समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22 सितंबर :पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी के “भारत को हिंदू राइट विंग कट्टरपंथ से खतरा है” वाले बयान ने एक नया राजनीतिक विवाद छेड़ दिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अंसारी पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि आखिर वे हमेशा एक ही समुदाय की आलोचना करते हैं और अलगाववादियों पर चुप क्यों रहते हैं?
रिजिजू ने कहा, “पूर्व राष्ट्रपति बार-बार हिंदू संगठन और दक्षिणपंथियों को ही कट्टरपंथी बता रहे हैं, लेकिन कभी देश में सक्रिय अलगाववादियों या आतंकी संगठनों पर खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं दिखाते।” उन्होंने आरोप लगाया कि अंसारी के बयान से समाज में नकारात्मकता फैलती है।
रिजिजू ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पार्टी हमेशा ऐसे बयानों का समर्थन करती है जो देश में विभाजन पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा, एकता और बहुलतावाद को कमजोर करने वाली सोच को हर हाल में चुनौती दी जानी चाहिए।
यह बयान आने वाले दिनों में देश की राजनीति में धर्मनिरपेक्षता, सुरक्षा और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर बहस को और तेज कर सकता है।