कर्नाटक FDA का बड़ा एक्शन, 5 करोड़ की नकली दवाइयां जब्त
बिदादी के एक फार्महाउस पर छापेमारी कर चल रहे अवैध रैकेट का हुआ खुलासा, सस्ते फार्मा उत्पादों को महंगे ब्रांड्स के नाम पर बेचा जा रहा था।
- कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FDA) ने बिदादी के एक फार्महाउस पर छापा मारकर नकली दवाओं के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।
- इस कार्रवाई के दौरान लगभग 5.05 करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाइयां, पैकेजिंग मशीनें और फर्जी लेबल जब्त किए गए हैं।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 16 ड्रग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और 8 अन्य को निलंबित कर दिया है।
समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु, 25 सितंबर: देश के स्वास्थ्य क्षेत्र और आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े फर्जी दवा रैकेट (Fake Drug Racket) का कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (Karnataka FDA) ने भंडाफोड़ किया है। विभाग की ड्रग एन्फोर्समेंट विंग द्वारा बेंगलुरु के पास बिदादी के कुरुबाराकेरानाहल्ली स्थित एक फार्महाउस पर अचानक छापा मारा गया। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने लगभग 5.05 करोड़ रुपये मूल्य की संदिग्ध और नकली दवाइयों, पैकेजिंग सामग्री, प्रिंटिंग मशीन तथा फर्जी लेबलों को जब्त किया है। इस खुलासे के बाद से पूरे मेडिकल और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
कैसे चल रहा था यह अवैध खेल?
प्रारंभिक जांच और खुलासों के अनुसार, यह गिरोह पड़ोसी राज्यों से बेहद सस्ती दरों पर सामान्य दवाइयां और कफ सिरप आदि खरीदकर लाता था। इसके बाद एक गुप्त फार्महाउस में अवैध रूप से उन दवाओं को नए शीशों (Vials) और बोतलों में दोबारा भरा जाता था। इन पर मल्टीनेशनल और महंगी दवा कंपनियों के फर्जी ब्रांड नेम, लोगो और यहां तक कि क्यूआर कोड (QR Codes) चस्पा कर दिए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि छपे हुए कई क्यूआर कोड स्कैन करने पर काम नहीं कर रहे थे। इस रैकेट के जरिए गंभीर बीमारियों और क्रिटिकल केयर में इस्तेमाल होने वाली महंगी जीवन रक्षक दवाइयों के नाम पर नकली माल बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।
24 ड्रग लाइसेंस पर गाज, SIT कर रही जांच
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक FDA ने कड़ा रुख अपनाया है और संलिप्त पाए जाने वाले होलसेलर्स व रिटेलर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कुल 16 दवा लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिए गए हैं, जबकि 8 अन्य लाइसेंसों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा नेलमंगला स्थित एक बड़े डिपो का लाइसेंस भी इस जांच के दायरे में आया है। सरकार ने इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जब्त किए गए नमूनों को प्रयोगशाला में रासायनिक परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत मेडिकल स्टोरों से ही दवाइयां खरीदें और पक्का बिल जरूर लें।