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उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
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छह शिक्षक और पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान किया।
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कुछ मतदान केंद्रों पर झड़पों और अनियमितताओं के आरोप सामने आए।
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निष्पक्ष मतदान और चुनावी पारदर्शिता को लेकर प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 24 अक्टूबर :उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को हुए मतदान में कुल 55.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों और पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान संपन्न हुआ। इस दौरान कुछ स्थानों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों और चुनावी अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के चुनाव राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था में विशेष महत्व रखते हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र शिक्षक और पंजीकृत स्नातक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।
विधान परिषद राज्य विधानमंडल का उच्च सदन है, जिसकी भूमिका विधायी प्रस्तावों पर विचार-विमर्श, नीतिगत मुद्दों की समीक्षा और विभिन्न वर्गों की चिंताओं को सदन में उठाने से जुड़ी होती है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित सदस्य शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की सेवा शर्तों, वेतन, पेंशन और शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। वहीं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधि उच्च शिक्षा, रोजगार और युवाओं से संबंधित विषयों को विधान परिषद में प्रस्तुत कर सकते हैं।
कुछ स्थानों पर झड़प और अनियमितताओं के आरोप
मतदान के दौरान कुछ स्थानों से राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
चुनाव के दौरान ऐसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि मतदाताओं का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बना रहे।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक मतदान
निर्वाचन आयोग के शाम चार बजे तक के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक 79.01 प्रतिशत मतदान हुआ। बरेली-मुरादाबाद में 73.69 प्रतिशत, वाराणसी में 68.21 प्रतिशत, आगरा में 63.84 प्रतिशत, मेरठ में 60.80 प्रतिशत और लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 50.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा में 51 प्रतिशत, इलाहाबाद-झांसी में 41.40 प्रतिशत, वाराणसी में 41.01 प्रतिशत, मेरठ में 39.81 प्रतिशत और लखनऊ में 38.02 प्रतिशत मतदान हुआ।
भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप
गोरखपुर और फतेहपुर सहित कुछ स्थानों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के समर्थकों के बीच झड़पों की खबरें सामने आईं।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदान में कथित धांधली और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया। वहीं भाजपा नेताओं ने इन आरोपों का प्रतिवाद करते हुए समाजवादी पार्टी पर भी चुनावी प्रक्रिया से संबंधित अनियमितताओं के आरोप लगाए।
फतेहपुर के विजयपुर ब्लॉक में विवाद के बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित की। पुलिस के अनुसार, मतदान बाधित नहीं हुआ। कथित जबरन मतदान के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना
इस चुनाव में कुल 152 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के बजाय मतपत्रों से कराया गया। मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
विधान परिषद के इन चुनावों को राज्य की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी तथा चुनावी शिकायतों के निष्पक्ष निस्तारण पर भी ध्यान रहेगा।