पीएम मोदी बोले- देश में अफरा-तफरी फैलाने की थी योजना
गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा- वैश्विक संकट के समय अफवाहें फैलाकर देश में डर का माहौल बनाया गया।
- पीएम मोदी ने कहा, ईरान युद्ध के दौरान देश में फैलाई गईं अफवाहें।
- किसानों को खाद और महिलाओं को गैस संकट के नाम पर डराया गया।
- बनासकांठा में 14 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का हुआ शुभारंभ।
समग्र समाचार सेवा
बनासकांठा, 30 अक्तूबर: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर बेहद तीखा और कड़ा प्रहार किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश वैश्विक चुनौतियों और ईरान युद्ध (Iran War) के प्रभावों का डटकर मुकाबला कर रहा था, तब देश के भीतर कुछ राजनीतिक ताकतों द्वारा सुनियोजित तरीके से अफवाहें फैलाकर अराजकता और अफरा-तफरी का माहौल पैदा करने की साजिश रची जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संकट के समय देश को एकजुट करने के बजाय विपक्ष ने लोगों को डराने और सरकार को बदनाम करने का कुचक्र चलाया।
बनासकांठा की इस जनसभा में प्रधानमंत्री ने 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया, जिससे उत्तर गुजरात के क्षेत्रों को अभूतपूर्व लाभ मिलने वाला है।
खाद और रसोई गैस को लेकर फैलाई गई झूठी अफवाहें
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विस्तार से बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों के कारण दुनिया भर में ऊर्जा और उर्वरकों (Fertilizers) की भारी किल्लत देखी गई। इस वैश्विक संकट का फायदा उठाते हुए देश के भीतर कुछ लोगों ने किसानों और आम नागरिकों के बीच जानबूझकर यह भ्रम फैलाया कि भारत में अब खाद और रसोई गैस (LPG) की भारी कमी होने वाली है।
पीएम ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर डराया गया, जबकि महिलाओं और परिवारों के मन में गैस सिलेंडर खत्म होने का भय पैदा किया गया ताकि देश में अविश्वास और अशांति का माहौल बने। उन्होंने कहा, “जब पूरा देश किसी संकट का सामना कर रहा होता है, तो कुछ लोगों को उसमें अपनी राजनीतिक खुशी नजर आती है। वे देश की प्रगति को देखकर दुखी होते हैं।”
सब्सिडी के जरिए किसानों को बचाया गया वैश्विक महंगाई के असर से
प्रधानमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि वैश्विक बाजार में कीमतों के आसमान छूने के बावजूद देश के किसानों और आम जनता पर इसका कोई भारी बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में जो खाद की बोरी 3,000 रुपये से अधिक कीमत पर बिक रही है, वह भारत के किसानों को आज भी 300 रुपये से कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह, डीएपी (DAP) खाद की वैश्विक कीमत 5,000 रुपये प्रति बोरी से भी ऊपर पहुंच चुकी है, लेकिन भारत सरकार ने भारी सब्सिडी देकर वही बोरी हमारे किसानों को मात्र 1,350 रुपये में उपलब्ध कराई है।
सरकार के इस प्रभावी वित्तीय प्रबंधन और दूरदर्शी नीतियों के कारण ही युद्ध जैसे विकट वैश्विक हालातों के बावजूद भारत के कृषि और घरेलू बाजार में कभी भी किसी वस्तु की कमी महसूस नहीं होने दी गई।
विकास परियोजनाओं की सौगात और जनता का अपार समर्थन
अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनासकांठा और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में जल प्रबंधन, सड़क संपर्क, कृषि आधुनिकीकरण और औद्योगिक विकास को नया आयाम मिलेगा। बनासकांठा की धरती पर पहुंचते ही स्थानीय नागरिकों और किसानों ने ‘मोदी, मोदी’ के नारों और पारंपरिक अंदाज में उनका भव्य स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात की जनता ने हमेशा से देश विरोधी और नकारात्मक राजनीति करने वालों को अपने मत के जरिए कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता इन भ्रामक प्रचारों और अफवाहों के झांसे में आने वाली नहीं है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान इस बात को स्पष्ट करता है कि वैश्विक और आंतरिक चुनौतियों के इस दौर में सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्षम है। अफवाहों की राजनीति करने वालों को करारा जवाब देते हुए पीएम ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्रहित और जनहित उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।