यूपी में बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान शुरू
विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राओं का ऐलान किया है।
- उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने शुरू किया ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान.
- राज्य के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में निकाली जाएंगी भव्य पदयात्राएं।
- सीएम योगी आदित्यनाथ और जेपी नड्डा समेत कई दिग्गज संभालेंगे मोर्चा।
समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 03 नवंबर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों की हालिया गतिविधियों और प्रदर्शनों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मैदान में आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। सत्ताधारी पार्टी ने विपक्ष के राजनीतिक हमलों और भ्रामक प्रचार की काट के लिए राज्यभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम से एक व्यापक जनसंपर्क अभियान और पदयात्राओं के सिलसिले की शुरुआत कर दी है। पार्टी की इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर जनता के बीच पहुंचकर चुनावी सुधारों, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के दाوों का पर्दाफाश करना है।
राजधानी लखनऊ से शुरू हुए इस संगठनात्मक अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के सभी छह प्रमुख राजनीतिक और संगठनात्मक क्षेत्रों में विशाल पदयात्राएं निकाली जा रही हैं, जिनमें पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से लेकर राज्य सरकार के शीर्ष मंत्री और मुख्यमंत्री तक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
छह संगठनात्मक क्षेत्रों में तय की गई पदयात्राओं की रूपरेखा
भारतीय जनता पार्टी ने इस अभियान को बूथ और मंडल स्तर तक प्रभावी बनाने के लिए राज्य को छह संगठनात्मक क्षेत्रों में विभाजित किया है। हर क्षेत्र में होने वाली पदयात्रा और नागरिक गोष्ठियों के लिए वरिष्ठ नेताओं को कमान सौंपी गई है:
अवध क्षेत्र (लखनऊ): अभियान के शुरुआती चरणों में राजधानी लखनऊ में केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में पदयात्रा की रूपरेखा तैयार की गई है, जहां स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
ब्रज क्षेत्र (बरेली): इस क्षेत्र में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा स्वयं उपस्थित रहकर पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
पश्चिम क्षेत्र (गाजियाबाद): इस बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 नवंबर को आयोजित होने वाली भव्य पदयात्रा की कमान संभालेंगे और जनता को संबोधित करेंगे।
काशी क्षेत्र (प्रयागराज): इस धार्मिक और राजनीतिक केंद्र पर राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मुख्य आतिथ्य में पदयात्रा और नागरिक गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है।
कानपुर क्षेत्र: औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कानपुर में राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं।
गोरखपुर क्षेत्र: मुख्यमंत्री योगी के गृह क्षेत्र और पूर्वांचल के प्रमुख केंद्र गोरखपुर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हो रहे हैं।
नागरिक गोष्ठियों के जरिए जनता के बीच पहुंचेगी पार्टी
केवल पदयात्रा ही नहीं, बल्कि इस अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नागरिक गोष्ठियों (Civil Meetings) का भी आयोजन किया जा रहा है। इन गोष्ठियों के माध्यम से पार्टी के नेता आम नागरिकों, बुद्धिजीवियों, व्यापारियों और युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। बैठकों में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि किस प्रकार विपक्षी दल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर झूठे और निराधार सवाल खड़े कर रहे हैं।
पार्टी का लक्ष्य है कि इन कार्यक्रमों के जरिए कम से कम दस-दस हजार स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाए, ताकि सरकार की नीतियों और विपक्ष के दोहरे चरित्र को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
विपक्ष के आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी सरगर्मी और राजनीतिक चुनौतियों को भांपते हुए बीजेपी ने यह आक्रामक रुख अपनाया है। विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ और प्रशासनिक दुरुपयोग के मुद्दों के बीच, बीजेपी का यह ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान विपक्ष को रक्षात्मक मुद्रा में लाने का एक सुनियोजित प्रयास है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आपातकाल के इतिहास से लेकर आज तक कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों की धज्जियां उड़ाई हैं, और जनता अब उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में बीजेपी द्वारा शुरू किया गया यह राज्यव्यापी अभियान आने वाले दिनों में राज्य के राजनीतिक समीकरणों को और अधिक तेज करने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के वरिष्ठ दिग्गजों के मैदान में उतरने से जहां एक तरफ कैडर में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के लिए अपनी राजनीतिक जमीन बचाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित होगा।