पंजाब में ‘आप’ को झटका, तीन विधायक बीजेपी में शामिल
भगवंत मान सरकार को बड़ा झटका: आप विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा, चेतन सिंह जोड़ामाजरा और पूर्व आईपीएस कुंवर विजय प्रताप ने दिल्ली में बीजेपी का दामन थामा।
- आम आदमी पार्टी के तीन मौजूदा विधायकों ने की बीजेपी में वापसी।
- भगवंत मान सरकार की कार्यशैली व नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल।
- 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में सियासी उलटफेर।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 03 नवंबर: वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा और अप्रत्याशित उलटफेर देखने को मिला है। राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को गहरा झटका देते हुए पार्टी के तीन प्रमुख नेताओं और विधायकों—सन्नौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा, समाना से विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा, और अमृतसर उत्तर से विधायक तथा पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह—ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।
सोमवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस और मिलन समारोह के दौरान पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पार्टी के अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की उपस्थिति में तीनों नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई गई।
उम्मीदवारों की पहली सूची और अंदरूनी असंतोष बना दलबदल का कारण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आम आदमी पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से पक रहा असंतोष अब खुलकर सतह पर आ गया है। इस सियासी घटनाक्रम की पटकथा तब लिखी गई जब आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए 40 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की। इस सूची में सन्नौर और समाना सीटों से वर्तमान विधायकों के नाम शामिल न होने के बाद रविवार को हरमीत सिंह पठानमाजरा और पूर्व मंत्री चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
वहीं दूसरी ओर, अमृतसर उत्तर से विधायक और पंजाब पुलिस में विशेष जांच दल (SIT) के चर्चित पूर्व प्रमुख रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह लंबे समय से अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे थे। उन्होंने कोट कपूरा और बहबल कलां गोलीकांड की जांच से जुड़े मुद्दों तथा राज्य में कानून-व्यवस्था व नशे की स्थिति पर भगवंत मान सरकार को कई बार कटघरे में खड़ा किया था। कुंवर विजय प्रताप ने सोमवार सुबह पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा को विधायक पद से अपना आधिकारिक त्यागपत्र सौंप दिया और नई दिल्ली पहुंचकर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।
बीजेपी में शामिल होने के बाद मान सरकार पर तीखे हमले
भाजपा मुख्यालय में सदस्यता ग्रहण करने के बाद तीनों नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर पंजाब की अनदेखी करने और अपने वादों से मुकरने के गंभीर आरोप लगाए।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा, “पंजाब आज अपनी पहचान और वजूद की लड़ाई लड़ रहा है। राज्य में बेरोजगारी, नशा और गैंगस्टर राज चरम पर है। आम आदमी पार्टी ने पंजाबियत और सुशासन का जो वादा किया था, वह पूरी तरह बिखर चुका है। केवल भारतीय जनता पार्टी ही राज्य में शांति, सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासन की पुनर्स्थापना कर सकती है।”
चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने दावा करते हुए कहा कि राज्य में मान सरकार के प्रति भारी जन-आक्रोश है और आने वाले दिनों में कई और जन-प्रतिनिधि अपनी पार्टी छोड़कर बाहर आएंगे।
हरमीत सिंह पठानमाजरा ने कहा कि पंजाब के विकास और जनहित के मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
भाजपा और आप के बीच तीखी बयानबाजी
तीन विधायकों के एक साथ पाला बदलने से पंजाब की राजनीति गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने इस घटनाक्रम को ‘महा-पलायन’ की शुरुआत बताया। शेरगिल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक अपनी ही सरकार और नीतियों से विश्वास खो चुके हैं।
दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते इन नेताओं के खिलाफ पहले ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। ‘आप’ के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अवसरवादी और निष्कासित नेताओं को अपने साथ जोड़कर भाजपा राज्य में अपनी सियासी जमीन तलाशने की नाकाम कोशिश कर रही है।
निष्कर्ष
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के मुहाने पर खड़े राज्य में तीन विधायकों का एक साथ बीजेपी में शामिल होना ‘आप’ के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इस सियासी उलटफेर ने न केवल सत्ताधारी दल के भीतर असंतोष को उजागर किया है, बल्कि पंजाब की राजनीति में बीजेपी के मजबूत उभार का भी संकेत दे दिया है।