देश के लिए भी मिसाल बना बिहार का यह गांव, जहां कोई नही गया जेल

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

समग्र समाचार सेवा
पटना, 22सितंबर। वर्तमान समय में हम समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर आए दिन मर्डर, चोरी-डकैती, रेप जैसे कई वारदात देखते रहते है। कभी कभी घटनाएं दिल दहलाने वाली होती है। हम तब यह सोचन पर मजबूर होते है कि आखिर क्यों? एक ही देश में एक ही जैसे खुन, एक ही जैसी बनावट फिर ऐसी क्या लालच की आए दिन अपराध बढ़ते जा रहे है। क्या ऐसा कभी हो सकता है कि समाज में कही भी कभी भी कोई भी दुर्घटना ना हो, ना ही किसी की हत्या हो ना ही चोरी और नाही बलात्कार …क्या हमारा गांव, हमारा शहर, हमारा देश अपराध मुक्त नही हो सकता है?
देश का तो पता नही लेकिन बिहार राज्य का एक गांव देश के सभी शहरों और गांवो के लिए मिसाल पेश करता है। जी हां अजय देवगन अभिनीत गंगाजल फिल्म में दिखाई गई बिहार की सही तस्वीर नहीं है बल्कि इसी बिहार में एक ऐसा भी अनोखा गांव है, जहां आज तक न कोई थाना गया है, ना ही कोई केस दर्ज हुआ है।

देश की आजादी के बाद ही नहीं, बल्कि आजादी बिहार के पहले भी इस गांव में थाने में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, क्योंकि यहां आज तक कोई भी आपराधिक घटना हुई ही नहीं हैं। यह अनोखा गांव बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया प्रखंड के अमेठी पंचायत का सरैया गांव है। आज तक इस गांव में FIR तो छोड़ दीजिए कोई सनहा तक दर्ज नहीं हुआ है। यानी अब तक सरैया गांव के नाम पर कोर्ट में कोई केस दर्ज नहीं हुआ है।

बिहार के अनोखे सरैया गांव की आबादी आजादी से लेकर अभी तक लगभग 700 से 800 तक है। इस गांव में लगभग 75 परिवार रहते हैं। गांव ग्वाल वंश यादव के नाम से प्रसिद्ध है, क्योंकि इनकी आबादी इस गांव में ज्यादा है। गांव के लोगों में गजब की एकजुटता है। यहां के लोग शांतिप्रिय और संतोषी प्रवृति के है, इस वजह से इस गांव में आज तक न तो चोरी हुई है न ही कोई अपराधिक घटना। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उनकी कई पीढ़ियों ने इस तरह शांति बनाए रखा है।

बिहार के अनोखे सरैया गांव में अगर आपस में कोई छोटा-मोटा विवाद होता भी है तो ग्रामीण आपस में पंचायत कर सुलझा लेते हैं। इस तरह कोर्ट, कचहरी, थाने तक मामला पहुंचता ही नहीं है। पंचायत के फैसले का गांव में बहुत सम्मान होता है और पंच सभी पहलुओं पर विचार का निष्पक्ष फैसला देते हैं, जिसके आगे लोगों को जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है।

देश के बिहार के इस गांव से सबक लेकर सीखना चाहिए….जब यह गांव अपराध मुक्त हो सकता है तो हमारा देश क्यों नही?

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.