शक्ति, आस्था और समझौते की राजनीति: भारत एक निर्णायक मोड़ पर
पूनम शर्मा
जब प्रतीक राजनीति बन जाते हैं
वैश्विक राजनीति में कोई भी प्रतीक तटस्थ नहीं होता। जब कोई प्रधानमंत्री चर्च जाता है या मोमबत्ती जलाता है, तो वह केवल एक धार्मिक संकेत नहीं रहता—वह अंतरराष्ट्रीय और आंतरिक राजनीति में एक संदेश बन…