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जीवन का सार

राजा, पगड़ी और शोषण

एक राजा ने दरबार में सुबह ही सुबह दरबारियों को बुलाया । उसका दरबार भरता ही जाना था की एक अजनबी यात्री वहा आया । वह किसी दूर देश का रहने वाला होगा । उसके वस्त्र पहचाने हुए से नही मालूम पड़ते थे । उसकी शक्ल भी अपरिचित थी , लेकिन…
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|| शास्त्र की सीख ||

                                                                                                आज का भगवद चिंतन    सत्यं माता पिता ज्ञानं धर्मो भ्राता दया सखा।  शांति:पत्नी क्षमा पुत्र: षडेते मम् बान्धवा:॥   यदि जीवन में सत्य होगा…
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