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भारतीय इतिहास पुनर्लेखन

भारतीय दृष्टि से इतिहास का पुनर्लेखन समय की आवश्यकता: डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय

गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘भारतीय इतिहास-लेखन में नवीन प्रवृत्तियां एवं चुनौतियां’ विषय पर व्याख्यान। डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय ने कहा—इतिहास-लेखन भारतीय चेतना, संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप हो। प्रो. राजवंत राव ने वैज्ञानिक, तथ्यपरक…
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ठाकुर रामसिंह – भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन के अग्रणी

समग्र समाचार सेवा ठाकुर रामसिंह का जन्म 16 फरवरी 1915 को ग्राम झंडवी, जिला हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) में श्री भागसिंह एवं श्रीमती नियातु देवी के घर हुआ। वे न केवल एक विद्वान इतिहासकार थे, बल्कि अपने जीवन में सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यों में…
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