आचरण और अनुभव
* आचरण और अनुभव
एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः "ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना। दो वर्ष बाद जब हम वापस आयेंगे तो इन्हें ले लेंगे।"
संत तो तीर्थयात्रा के…
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