मैंने राजनीति का नहीं, सार्वजनिक सेवा का रास्ता चुना है: सिंधिया

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,28अक्टूबर।
भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि उनके विचार स्पष्ट है, उन्होंने सार्वजनिक सेवा का रास्ता चुना है, राजनीति का नहीं। सिंधिया ने कहा, वह किसी भी पद के लिए इच्छुक नहीं हैं और केवल विकास के लिए काम करना चाहते हैं। एएनआई से बात करते हुए, सिंधिया ने कहा, ‘मेरी विचार स्पष्ट है, मैंने राजनीति का नहीं बल्कि सार्वजनिक सेवा का रास्ता चुना है। 20 साल हो गए हैं और मैं लोगों की सेवा करने के लिए दृढ़ हूं। मैं किसी भी पद के लिए इच्छुक नहीं हूं, केवल काम करना चाहता हूं। विकास के लिए।’

उन्होंने आगे कहा कि सरकार (कमलनाथ सरकार) बनने के बाद, 15 महीनों में इन्होंने एक भ्रष्टाचार की सरकार बनाई, एक ऐसी सरकार बनाई जहां केवल नोटों के आधार पर काम होता था। वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना कर छोड़ दिया। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की भाजपा नेता इमरती देवी पर टिप्पणी के बारे में बोलते हुए, सिंधिया ने कहा कि वह अहंकार से भरे हुए हैं और लोग इसे तोड़ देंगे।

सिंधिया ने कहा कि बचाव में, कमलनाथ ने कहा कि वह (इमरती देवी) का नाम भूल गए हैं। जो आपके मंत्रिमंडल में था, उसका नाम आप कैसे भूल सकते हैं? क्योंकि वह एक महिला है, दलित है? क्या यह उनकी और कांग्रेस की महिलाओं के बारे में सोच है? वह अहंकार से भरा है और लोग इसे तोड़ देंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हाल ही में इमरती देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी किसी का अपमान करने के लिए नहीं थी।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत के 70 साल के लोकतांत्रिक इतिहास में कहीं भी ऐसी सरकार स्थापित हो और वो भी 15 साल विपक्ष में रहने के बाद, जहां सरकार में आने के बाद 22 विधायक उस सरकार के नेतृत्व कमलनाथ जी में पूरी तरह विश्वास खोकर जनता की अदालत में दोबारा कूदना चाहें।

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