समग्र समाचार सेवा
अंबाला,25नवंबर।
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस द्वारा रोकने के लिए लगाए गए बेरिकेड को किसानों ने तोड़ दिया। जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस किसानों को रोकने का प्रयास कर रही है। हरियाणा पुलिस द्वारा अंबाला में चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर किसानों को रोकने के लिए उन्होंने पानी की बौछारे की। खुद अंबाला के एसपी राजेश कालिया मौके पर मौजूद हैं।
हरियाणा में भी कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली कूच को लेकर प्रशासन और किसान नेता आमने-सामने आ गए हैं। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रस्तावित किसान आंदोलन में शिरकत करने से रोकने के लिए प्रशासन ने किसान नेताओं की धर-पकड़ की जा रही है। प्रदेश की सीमाएं बुधवार सुबह से ही पूरी तरह सील कर दी गई हैं। सिरसा और जींद में पंजाब से लगती सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई है तो झज्जर जिले में धारा 144 लगा दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने जारी की चेतावनी
वहीं दिल्ली पुलिस ने किसानों को दिल्ली पहुंचने से पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि किसान प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली न आए। कोरोना के कारण लोगों के इक्ट्ठा होने पर पाबंदी है। दिल्ली के बॉर्डर पर जांच शुरू कर दी गई है। किसानों को राजधानी में दाखिल होने से रोका जाएगा। यदि वह फिर भी दाखिल होने की कोशिश करेंगे तो किसान पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न किसान संगठनों की मांग है कि नए कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए।
26 और 27 नवंबर को बंद रहेंगी हरियाणा की सीमाएं
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के दिल्ली मार्च के पहले पंजाब के साथ लगने वाली राज्य की सीमाएं 26 और 27 नवंबर को बंद रहेंगी। खट्टर ने कहा था कि कुछ किसान नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सख्त कदम उठाएगी।