समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6जून। हम एक साल से कोरोना महामारी का सामना कर रहे है। अब इस बीमारी के लेकर एक सर्वे किया गया है जिसमें पता चला है कि एयरकंडीशनर टैक्सी में बैठने से कोरोना फैलने के ज्यादा चांसेज है।
एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है कि ऑटो रिक्शा की तुलना में एयर कंडीशनर टैक्सी में सह यात्री से कोविड-19 संक्रमण की संभावना 300 गुना ज्यादा होती है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी की तरफ से किए गए रिसर्च में खुलासा हुआ है। दो शोधकर्ता दर्पण दास और गुरुमुर्ति रामाचंद्रन ने परिवहन के चार माध्यम टैक्सी, ऑटो रिक्शा, बस और एयर कंडीशनर टैक्सी का विश्लेषण किया। रिसर्च का विषय था ‘भारत में कोविड-19 महामारी के दौरान परिवहन की विभिन्न गाड़ियों का जोखिम विश्लेषण।’ उन्होंने पाया कि एयरकंडीशनर टैक्सी में बैठे कोरोना पॉजिटिव यात्री से बीमारी की चपेट में आने का करीब 300 गुना ज्यादा खतरा है। शोधकर्ताओं के अनुसार परिवहन के चारों विकल्पों में से ऑटो सबसे सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि एयर कंडीशनर बिना टैक्सी में कोरोना से संक्रमित होने की संभावना 250 फीसद तक कम हो जाती है। एयर कंडीशनर और एयर कंडीशनर बिना टैक्सी में खतरे का हिसाब लगाकर उन्होंने नतीजा निकाला कि दोनों प्रकार की टैक्सी में खतरा 75 फीसद तक कम हो गया जब वाहन शून्य से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले।
उन्होंने कहा कि ऑटो के मुकाबले एयर कंडीशनर बिना टैक्सी में खतरा 86 गुना ज्यादा पाया गया। खुली खिड़की गतिहीन बस में ऑटो में बैठे चार लोगों के मुकाबले कोविड-19 से संक्रमित होने की 72 गुना ज्यादा संभावना हो जाती है। रिसर्च के लिए शोधकर्ताओं ने हवा से फैलनेवाले संक्रामक रोग के Wells-Riley मॉडल का इस्तेमाल किया। इस मॉडल का इस्तेमाल पहले ट्यूबरक्युलोसिस और मीजल्स के ट्रांसमिशन को समझने में किया जा चुका है। इस मॉडल के जरिए ट्रांसमिशन पर वेंटिलेशन का अनुमान लगाया गया। रिसर्च में माना गया कि हवा में संक्रामक वायरस के अंश होते हैं।