समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6जून। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन भगवान शिव की खास पूजा-अर्चना की जाती है। ज्येष्ठ माह का पहला प्रदोष व्रत 7 जून 2021 यानी सोमवार के दिन पड़ रहा है। प्रदोष व्रत चन्द्र मास की दोनों त्रयोदशी के दिन किया जाता है जिसमे से एक शुक्ल पक्ष के समय और दूसरा कृष्ण पक्ष के समय होता है। प्रदोष का दिन जब सोमवार को आता है तो उसे सोम प्रदोष कहते हैं।
प्रदोष व्रत 2021 शुभ मुहूर्त
ज्येष्ठ, कृष्ण त्रयोदशी
प्रारम्भ – 08:48 ए एम, जून 07
समाप्त – 11:24 ए एम, जून 08
प्रदोष व्रत पूजा विधि
इस दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव का अभिषेक करें। धूप दिखाएं और भगवान शिव को पंचामृत का भोग लगाएं। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव त्रयोदशी तिथि में शाम के समय कैलाश पर्वत पर स्थित अपने रजत भवन में नृत्य करते हैं। इस दिन भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।