बाबा सूरजपाल को पसंद थीं सुंदर महिलाएं, वही नहलाती थीं, दरबार में दिखा था खून; महिला अनुयायी के दावे से सनसनी
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,07जुलाई। हाथरस भगदड़ कांड में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. बाबा सूरजपाल उर्फ भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि के समागम में प्रशासन की ओर से तय संख्या से ज्यादा तादाद में लोग पहुंच गए थे. इसी सत्संग में भगदड़ मच गई थी. हादसे में दर्जनों लोगों की मौत हो ई. बाबा सूरजपाल को लेकर लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं. अब बाबा की एक महिला अनुयायी ने ऐसे दावे किए हैं, जिसे सुनकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं. इस महिला ने दावा किया है कि बाबा सूरजपाल सुंदर महिलाओं को पसंद करते थे. बाबा को महिलाएं ही नहलाती और कपड़े पहनाती थीं.
बाबा सूरजपाल की महिला अनुयायी ने कांडी बाबा की पोल खोली है. महिला अनुयायी ने बाब सूरजपाल उर्फ भोले बाबा का पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दिया है. उन्होंने ऐसे-ऐसे दावे किए हैं, जिनके बारे में आज से पहले शायद ही किसी को जानकारी हो. इस महिला अनुयायी ने दावा करते हुए बताया, ‘बाबा सूरजपाल को महिलाएं ही नहलाती थीं और कपड़े पहनाती थीं. मैं जब उनके दरबार में गई तो वहां खून देखा था. एक महिला को चिल्लाते हुए जाते भी देखा था. बाबा के दरबार में उसकी सेवादार सुंदर महिलाओं को बाबा के पास ले जाते हैं. जो महिलाएं सुंदर नहीं होती हैं, उनके साथ बुरा बर्ताव किया जाता था.’
सीक्रेट फंडिंग?
बाबा सूरजपाल के साम्राज्य के पीछे क्या सीक्रेट फंडिंग है? क्या बाबा को फंड देने वाले दानदाता के तौर पर पैसे देते थे? सूरजपाल के साम्राज्य को देखते हुए अब ऐसे सवाल उठने लगे हैं. बाबा के मैनपुरी आश्रम के बाहर ऐसे दानदाताओं की लिस्ट लगी है, जिसमें 10 हजार से नीचे दान करने वालों का नाम ही नहीं है. बाबा सूरजपाल ने आश्रम की परिभाषा ही बदल दी है. उसका आश्रम किसी महल से कम नही है. एक तरफ बाबा दुनिया के सामने पैसा यानी दान लेने से मना करता है, दूसरी तरफ बाबा के आश्रम के बाहर उसे दान करने वालों की बड़ी लंबी लिस्ट लगाई गई है.
कौन हैं ये दानवीर?
कौन हैं ये दानवीर जिन्होंने 10 हजार रुपए से लेकर ढाई लाख तक की रकम आश्रम को दान में दिया है. इसमें कई सरकारी महकमों से भी जुड़े हैं. इस दानकर्ताओं को दानदाता के तौर पर दिखाया गया है. हालांकि, लिस्ट इस बात का उल्लेख नहीं है कि किसने और कब दान दिया. लिस्ट में 200 लोगों के नाम लिखे हैं. करोड़ों रुपये की जमीन पर महलनुमा आश्रम बनाने में अच्छा खासी रकम लगी होगी. सवाल यह है कि बाबा को इतनी बड़ी रकम किसने दी? हालांकि, महलों की चारदीवारी के अंदर का राज अभी तक नहीं खुला है.
साभार – News18