समग्र समाचार सेवा बेंगलुरु, 6 जून —
आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ऐतिहासिक जीत के बाद आयोजित किए गए विजय जुलूस ने एक भीषण त्रासदी का रूप ले लिया, जिसमें भगदड़ के कारण 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के लिए जिम्मेदार माने जा रहे आरसीबी के मार्केटिंग एवं राजस्व प्रमुख निखिल सोसले को शुक्रवार सुबह बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया।
गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से हुई मौतों के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निखिल सोसले के साथ-साथ इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के तीन सदस्यों को भी हिरासत में लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हादसा भीड़ नियंत्रण में घोर लापरवाही, अपर्याप्त सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय की कमी का नतीजा था। सवाल उठता है कि क्या एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट फ्रेंचाइज़ी इतनी बड़ी सार्वजनिक सभा के आयोजन में कोई पेशेवर योजना नहीं बना सकी?
निखिल सोसले, जो पिछले दो वर्षों से आरसीबी की मार्केटिंग रणनीतियों के प्रमुख रहे हैं, डियाजियो इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी हैं। डियाजियो ही यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के माध्यम से आरसीबी का संचालन करता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि बस परेड के आयोजन की ज़िम्मेदारी सीधे तौर पर सोसले और उनकी टीम की थी।
सोसले की शैक्षिक योग्यता और कॉर्पोरेट प्रोफाइल जितनी प्रभावशाली रही है, उतनी ही निराशाजनक रही इस आयोजन में उनकी कार्यशैली। इतना बड़ा आयोजन बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ामों के कैसे हो गया? क्या ब्रांड की लोकप्रियता और पब्लिसिटी के उत्साह में आयोजकों ने आम नागरिकों की जान की कीमत को अनदेखा कर दिया?
इस हादसे ने कॉर्पोरेट आयोजनों में जवाबदेही की गंभीरता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यह स्पष्ट है कि यह केवल हादसा नहीं था, बल्कि घोर लापरवाही का नतीजा था। अब देखना होगा कि निखिल सोसले और अन्य दोषियों पर कानून कितनी सख्ती से कार्यवाही करता है — ताकि भविष्य में जश्न, शोक में न बदले।