- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में ईमानदार शासन का वादा
- लंबे समय से अटकलों के बाद निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में किया प्रवेश
- जेडीयू में नेतृत्व और संगठनात्मक समन्वय को लेकर भविष्य में बढ़ सकती है भूमिका
समग्र समाचार सेवा
पटना, 7 मई: बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने बुधवार को बिहार कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली। 51 वर्षीय निशांत कुमार ने वर्षों की अटकलों और चर्चाओं के बाद औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रखा है।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद निशांत कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य के विकास और ईमानदार शासन के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा, “मुझ पर जो भरोसा वरिष्ठ जेडीयू नेताओं ने जताया है, उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। मैं अपने पिता द्वारा दिखाए गए विकास के रास्ते को आगे बढ़ाऊंगा।”
गौरतलब है कि कुछ सप्ताह पहले नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन हुआ था, जिससे निशांत कुमार की राजनीतिक भूमिका को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि उपमुख्यमंत्री पद की चर्चा भी हुई थी, लेकिन यह जिम्मेदारी जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को मिल गई।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू नेतृत्व और संगठनात्मक समन्वय को बनाए रखने के लिए भविष्य में निशांत कुमार की भूमिका और बढ़ सकती है। पार्टी के भीतर इसे युवा नेतृत्व को आगे लाने और सरकार तथा संगठन के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
निशांत कुमार ने पहले राजनीति में रुचि नहीं होने की बात कही थी और सार्वजनिक जीवन से दूर ही रहे थे। 2025 में उनके चुनाव लड़ने की चर्चा भी हुई थी, लेकिन वे चुनावी मैदान में नहीं उतरे।
अब उनके मंत्री बनने को जेडीयू सरकार की भविष्य की रणनीति और राजनीतिक स्थायित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी में यह विश्वास है कि निशांत कुमार के रूप में एक नया नेतृत्व उभर सकता है, जो राज्य के विकास और पार्टी संगठन को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।