टीवीके : नेता विजय से वापस ली गई मुख्यमंत्री स्तर की सुरक्षा,तमिलनाडु पुलिस का बड़ा फैसला

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • तमिलनाडु पुलिस ने विजय की बढ़ी हुई सुरक्षा वापस ली
  • मुख्यमंत्री स्तर का काफिला और रूट सुरक्षा भी हटाई गई
  • पहले डीआईजी स्तर के अधिकारी और कमांडो तैनात किए गए थे
  • चुनावी माहौल के बीच फैसले से राजनीतिक चर्चाएं तेज हुईं

समग्र समाचार सेवा 
चेन्नई, 7 मई 2026 : तमिलनाडु पुलिस ने बुधवार देर रात तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख C. Joseph Vijay को दी गई विशेष सुरक्षा व्यवस्था और मुख्यमंत्री स्तर के काफिले को वापस ले लिया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अब उनकी सुरक्षा को घटाकर न्यूनतम स्तर पर कर दिया गया है।

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब राज्य की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2026 के बाद तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। चुनाव परिणामों के शुरुआती रुझानों में टीवीके को बड़ी सफलता मिलने के बाद विजय के आवास और पार्टी कार्यालय के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटने लगी थी।

मुख्यमंत्री जैसी सुरक्षा दी गई थी

मतगणना के शुरुआती संकेतों के बाद तमिलनाडु पुलिस ने विजय की सुरक्षा अचानक बढ़ा दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि यह कदम उनके घर और पार्टी दफ्तर पर उमड़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया था।

हालांकि सुरक्षा व्यवस्था केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं थी। विजय को मुख्यमंत्री स्तर का काफिला, रूट बैंडोबस्त और विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल दिया गया था। सूत्रों के अनुसार यह सुरक्षा लगभग जेड प्लस श्रेणी के बराबर मानी जा रही थी।

वरिष्ठ अधिकारियों और कमांडो की तैनाती

विजय की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी को तैनात किया गया था। इसके अलावा राज्य पुलिस की सिक्योरिटी ब्रांच सीआईडी के एक दर्जन से अधिक सशस्त्र कमांडो भी सुरक्षा में लगाए गए थे।

विजय के चेन्नई स्थित आवास पर प्रवेश नियंत्रण प्रणाली भी स्थापित की गई थी ताकि केवल अधिकृत लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति मिल सके। पार्टी कार्यालय और उनके निवास के आसपास लगातार पुलिस गश्त भी की जा रही थी।

सुरक्षा हटाने के पीछे क्या कारण?

पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्थिति सामान्य होने के बाद अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था हटाने का फैसला लिया गया। हालांकि इस निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनावी माहौल में सुरक्षा बढ़ाना और फिर अचानक हटाना राजनीतिक संकेत भी हो सकता है।

टीवीके की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं विजय समर्थकों के बीच इस फैसले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।

तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल

विधानसभा चुनाव 2026 के बाद तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। टीवीके की बढ़ती लोकप्रियता ने राज्य की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में विजय की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है ।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.