ट्रंप के टैरिफ संकट के बीच भारत आएंगे पुतिन

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पुतिन का पहला भारत दौरा, अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत ने दोस्ती का हाथ मजबूत किया।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत की यात्रा पर आएंगे, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
  • यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 50% तक का टैरिफ लगाया है।
  • पुतिन की इस यात्रा के दौरान रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और वैश्विक भू-राजनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा होगी।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 अगस्त, 2025 – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% तक का टैरिफ लगाने के बीच, रूस से एक बड़ी खबर सामने आई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। इस बात की पुष्टि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मॉस्को में अपने दौरे के दौरान की है। डोभाल ने बताया कि पुतिन की भारत यात्रा की तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं और जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा होगा।

क्या है पुतिन की यात्रा का मुख्य एजेंडा?

पुतिन का यह दौरा भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है, जहां दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लग सकती है। इस यात्रा का मुख्य एजेंडा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है, जिसमें रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।

रक्षा सहयोग: भारत और रूस दशकों से रक्षा क्षेत्र में साझेदार रहे हैं। इस दौरे में S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस जैसी महत्वपूर्ण रक्षा प्रणालियों पर आगे की बातचीत हो सकती है।

ऊर्जा सहयोग: अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखा है। पुतिन की यात्रा के दौरान ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता और आर्कटिक क्षेत्र में भारत की भूमिका पर चर्चा हो सकती है।

आर्थिक संबंध: दोनों देश ब्रिक्स (BRICS) जैसे बहुपक्षीय मंचों को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। इस यात्रा में रुपये और रूबल में व्यापार को बढ़ावा देने पर भी बातचीत हो सकती है, जिससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी।

ट्रंप के टैरिफ और रूस का समर्थन

ट्रंप का 50% टैरिफ लगाने का फैसला सीधे तौर पर रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश है। ट्रंप का आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीदकर उसकी अर्थव्यवस्था को मदद कर रहा है। ऐसे में पुतिन का भारत दौरा यह स्पष्ट संदेश देता है कि रूस इस मुश्किल घड़ी में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को भी दर्शाता है, जिसमें वह अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है, न कि किसी पश्चिमी देश के दबाव में आता है। भारत ने ट्रंप के टैरिफ को ‘अनुचित और अविवेकपूर्ण’ करार देते हुए रूस के साथ अपने संबंधों का बचाव किया है।

वैश्विक राजनीति पर असर

पुतिन की भारत यात्रा का वैश्विक राजनीति पर गहरा असर पड़ सकता है। यह अमेरिकी ध्रुवीकरण की कोशिशों के बीच भारत की बहु-आयामी विदेश नीति को उजागर करता है। भारत एक तरफ क्वाड (QUAD) जैसे समूहों में अमेरिका के साथ है, तो दूसरी तरफ वह अपने पारंपरिक मित्र रूस के साथ भी संबंधों को मजबूत बनाए हुए है। यह घटना वैश्विक व्यवस्था में एक नए संतुलन का संकेत है, जहां देशों को किसी एक खेमे में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। पुतिन की यह यात्रा न केवल भारत-रूस संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि एक नई, निष्पक्ष और टिकाऊ विश्व व्यवस्था बनाने के चीन के प्रयासों को भी बल देगी।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.