वेनेज़ुएला की नेता मारिया कोरिना माचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार, ट्रंप की उम्मीदें अधूरी रहीं
इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार में 338 दावेदारों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम भी था, लेकिन जीत हुई वेनेज़ुएला की लोकतंत्र कार्यकर्ता की।
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नोबेल समिति ने वेनेज़ुएला की मारिया कोरिना माचाडो को सम्मानित किया।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लंबे समय से शांति पुरस्कार का सपना पूरा नहीं हुआ।
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माचाडो को लोकतांत्रिक अधिकारों और तानाशाही के खिलाफ संघर्ष के लिए पुरस्कृत किया गया।
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इस वर्ष पुरस्कार की घोषणा नॉर्वे की राजधानी ओस्लो से हुई।
समग्र समाचार सेवा
ओस्लो, नॉर्वे। 10 अक्टूबर: इस साल नोबेल शांति पुरस्कार का विजेता मारिया कोरिना माचाडो बनीं, जिन्होंने वेनेज़ुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और तानाशाही विरोधी शांतिपूर्ण आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पुरस्कार के लिए लंबे समय से दावेदारी कर रहे थे और उनका नाम इस बार भी चर्चाओं में था। उन्होंने पहले दावा किया था कि उन्होंने कई देशों में संघर्ष और युद्ध को रोकने में मदद की। लेकिन नोबेल समिति ने इस बार ट्रंप की उम्मीदों को पूरा नहीं किया।
मारिया कोरिना माचाडो का जन्म 7 अक्टूबर 1967 को वेनेज़ुएला की राजधानी कराकस में हुआ। उन्होंने एंड्रेस बेलो कैथोलिक यूनिवर्सिटी से औद्योगिक इंजीनियरिंग में पढ़ाई की और इंस्टिट्यूटो डी एस्टुडीओस सुपीरियोर्स दे एडमिनिस्ट्रासियन से वित्त में स्नातक की डिग्री हासिल की।