बिहार एग्जिट पोल्स में NDA की तूफानी बढ़त, महागठबंधन हुआ पीछे

सभी सर्वे में NDA को स्पष्ट बहुमत, तेजस्वी की महागठबंधन पीछे; प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का फीका आगाज़

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • छह एग्जिट पोल्स ने NDA की भारी जीत का अनुमान लगाया।
  • NDA को 133 से 167 सीटें मिलने का अनुमान।
  • महागठबंधन को 70 से 102 सीटों तक सीमित बताया गया।
  • प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहने की संभावना।

समग्र समाचार सेवा
पटना, 10 नवंबर: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के साथ ही मंगलवार शाम को जारी एग्जिट पोल्स में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की क्लीन स्वीप का अनुमान जताया गया है। छह प्रमुख एजेंसियों, पीपल्स इनसाइट, पीपल्स पल्स, मैट्राइज़, दैनिक भास्कर, PMRQ और JVC पोल्स  द्वारा जारी आंकड़ों में NDA को आराम से बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है।

एग्जिट पोल्स के मुताबिक, NDA को 133 से 167 सीटों के बीच जीत मिल सकती है। पीपल्स इनसाइट ने NDA को 133-148, पीपल्स पल्स ने 133-159, मैट्राइज़ ने 147-167, दैनिक भास्कर ने 145-160, और JVC पोल्स ने 135-150 सीटों का अनुमान जताया है।

इसके विपरीत, तेजस्वी यादव की अगुवाई वाला महागठबंधन पिछली बार की तुलना में काफी पीछे दिख रहा है। एग्जिट पोल्स के मुताबिक, गठबंधन को 70 से 102 सीटें मिल सकती हैं। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में अकेले राजद (RJD) ने 75 सीटें जीती थीं और गठबंधन बहुमत के बेहद करीब पहुंचा था। इस बार सीटों में गिरावट महागठबंधन के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

वहीं, चुनाव से पहले चर्चाओं में रही प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी, जिसे कई राजनीतिक विश्लेषक “डार्क हॉर्स” बता रहे थे, उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। एग्जिट पोल्स के अनुसार, जन सुराज पार्टी का प्रदर्शन बेहद सीमित रहेगा और वह निर्णायक भूमिका निभाने में असफल रहेगी।

बिहार की राजनीति में यह एग्जिट पोल परिणाम एक बार फिर नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी फैक्टर के असर को दर्शाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर भाजपा-जेडीयू की जोड़ी ने विकास और स्थिरता का संदेश देने में सफलता पाई है, जो मतदाताओं के बीच काम आई।

पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हुआ था, जबकि दूसरे और अंतिम चरण का मतदान मंगलवार, 11 नवंबर को संपन्न हुआ। अब राज्यभर में निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद असली तस्वीर सामने आएगी।

हालांकि,एग्जिट पोल्स हमेशा सटीक नहीं होते, और कई बार नतीजे सर्वेक्षणों से बिल्कुल उलट भी रहे हैं। फिर भी, इस बार लगभग सभी पोल्स का एकमत होना बिहार की राजनीति में एक नया संकेत देता है, NDA की मजबूत वापसी।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

Leave A Reply

Your email address will not be published.