मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की कैबिनेट की बैठक,
सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कई बड़े निर्णय, प्रशासनिक सुधार और पुनर्वास नीति पर जोर
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आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा व संभावित वापसी प्रक्रिया को मंजूरी
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14 अधिनियमों में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ जन विश्वास (द्वितीय) विधेयक–2025 का प्रारूप स्वीकृत
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छोटे उल्लंघनों पर प्रशासकीय दंड का प्रावधान, अदालतों पर बोझ कम करने का प्रयास
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प्रथम अनुपूरक अनुमान 2025-26 के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 को मंजूरी
समग्र समाचार सेवा
रायपुर, 12 दिसंबर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को सिविल लाइन्स स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शासन, प्रशासन, कानूनों के सरलीकरण और सुरक्षा तंत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
1. आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रकरण वापसी में राहत का रास्ता साफ
कैबिनेट ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों की समीक्षा और संभावित वापसी की प्रक्रिया को मंजूरी दी। इसके लिए मंत्रिपरिषद उप-समिति का गठन किया जाएगा, जो परीक्षण उपरांत मामलों को अंतिम निर्णय हेतु कैबिनेट के समक्ष पेश करेगी।
इसके साथ ही—
- जिला स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो संबंधित नक्सली के मामलों की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजेगी।
- पुलिस मुख्यालय विधि विभाग की राय प्राप्त कर प्रस्ताव उप-समिति को भेजेगा।
- केंद्र से जुड़े मामलों में भारत सरकार से अनुमति ली जाएगी।
- अन्य मामलों को जिलाधीश के माध्यम से न्यायालय में वापसी हेतु भेजा जाएगा।
यह फैसला नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति–2025 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य अच्छे आचरण वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लाना है।
2. 14 अधिनियमों में संशोधन को मंजूरी, जन विश्वास विधेयक–2025 का दूसरा संस्करण तैयार
राज्य सरकार ने प्रशासनिक सरलता और नागरिक सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन का फैसला किया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक–2025 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है।
महत्वपूर्ण बिंदु—
- कई कानूनों में छोटे उल्लंघनों पर अधिक दंड या कारावास के कारण मामलों का निपटारा लंबा हो जाता था।
- नए संशोधन में प्रशासकीय शास्ति (Administrative Penalty) का प्रावधान किया गया है।
- इससे अदालतों का बोझ कम होगा और नागरिकों को त्वरित समाधान मिलेगा।
- दंड राशि भी समयानुकूल संशोधित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने जन विश्वास विधेयक का दूसरा संस्करण तैयार किया है। इससे पहले 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया जा चुका है।
3. छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक–2025 को भी मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2025–26 के प्रथम अनुपूरक अनुमान को विधानसभा में प्रस्तुत करने हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक–2025 को अनुमोदित कर दिया। इससे विभिन्न विभागों के वित्तीय प्रावधानों को औपचारिक स्वीकृति मिलेगी।