पाकिस्तान-बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार
पत्र की प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी भेजी गई
- विहिप ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
- पाकिस्तान में जबरन धर्मांतरण और नाबालिग लड़कियों के विवाह के मामलों पर चिंता
- बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का मुद्दा उठाया गया
- अंतरराष्ट्रीय जांच और पीड़ितों की सुरक्षा के लिए विशेष तंत्र बनाने की मांग
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 अप्रैल: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों और मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षा अन्नालेना बेयरबॉक को पत्र भेजा है।
पाकिस्तान में गंभीर हालात
विहिप द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में विशेष रूप से हिंदू और ईसाई समुदाय की नाबालिग लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और विवाह के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। सिंध प्रांत में इस तरह की घटनाएं अधिक सामने आ रही हैं। पीड़ितों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिक्रिया कई मामलों में अपर्याप्त बताई गई है।
बांग्लादेश में भी बढ़ी हिंसा
पत्र में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा और भेदभाव का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2024 के दौरान बड़ी संख्या में सांप्रदायिक घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया।
संयुक्त राष्ट्र से प्रमुख मांगें
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने संयुक्त राष्ट्र से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
जबरन धर्मांतरण और हिंसा की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष तंत्र की स्थापना संबंधित देशों की जवाबदेही तय करना
महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनी उपाय लागू करना
अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी पर जोर
विहिप ने कहा कि इन घटनाओं की निरंतरता यह दर्शाती है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए मौजूदा व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।