समग्र समाचार सेवा
केरल, ३० अप्रैल: केरल में “कुंभ मेला गर्ल” से जुड़ा मामला सामने आया है। सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि लड़की के पिता ने जन्म प्रमाण पत्र में गड़बड़ी (फर्जीवाड़ा) किया था। उन्होंने अपनी छोटी बेटी के रिकॉर्ड का गलत इस्तेमाल करके ऐसा कागज बनवाया जिससे लड़की को नाबालिग दिखाया जा सके
मोनालिसा का नाबालिग होने का दावा
प्रयागराज कुंभ मेले (2025) के दौरान रुद्राक्ष बेचकर वायरल हुई मोनालिसा ने 11 मार्च 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम में अपने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान से मंदिर में शादी कर ली है। लेकिन परिवार के विरोध के कारण उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। अब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में लड़की के नाबालिग (16 साल 2 माह) होने का खुलासा होने के बाद विवाद बढ़ गया है।
सरकार का कहना है कि असल में लड़की शादी के समय 18 साल की थी, और इसे साबित करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी जैसे कई दस्तावेज कोर्ट में दिखाए गए।
मोनालिसा के पिता ने बेटी को नाबालिग बताया
मोनालिसा के पिता ने अपनी बेटी को नाबालिग बताया और मध्य प्रदेश के महेश्वर में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) और एट्रोसिटी एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई थी। वहीं इस मामले में जो शिकायत की गई थी कि लड़की नाबालिग है उस पर तिरुवनंतपुरम की POCSO अदालत ने फिलहाल सुनवाई रोक दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच मध्य प्रदेश में भी चल रही है और पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है। अगली सुनवाई 20 मई को होगी।
कुंभ मेला गर्ल पर सियासी बयानबाजी
केरल में CPI(M) नेता सचिव एमवी गोविंदन ने इसे असली केरल स्टोरी” कहकर बचाव किया बता और जनरल एजुकेशन मिनिस्टर वी. शिवनकुट्टी और CPI(M) के राज्यसभा सांसद एए रहीम के साथ गोविंदन पिछले महीने तिरुवनंतपुरम में हुई इस शादी शामिल हुए थे।
नाबालिग होने का दावा
इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार बोर्ड की सदस्य और तिरुवनंतपुरम की रहने वाली अंजना देवी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने शादी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
अपनी शिकायत में उन्होंने महिला के पति फरमान खान, शिवनकुट्टी, गोविंदन और रहीम को आरोपी के तौर पर नामजद किया है. देवी ने आरोप लगाया कि यह शादी केरल में एक साजिश के तहत गैर-कानूनी और जबरदस्ती तरीके से की गई थी. उन्होंने दावा किया कि महिला के पिता ने इसका विरोध किया था और कहा था कि महिला अभी बालिग नहीं हुई है.
शिकायत में कहा गया है, “शिवनकुट्टी, गोविंदन और रहीम को इन आरोपों के बारे में पता था और इसके बावजूद उन्होंने तुरंत शादी करवाने और उसी दिन उसे रजिस्टर करवाने की साजिश रची. उनकी सक्रिय मिलीभगत के बिना फरमान खान यह गैर-कानूनी शादी नहीं कर पाता.”
अंजना देवी ने आगे आरोप लगाया कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत तय प्रक्रिया, जिसमें नोटिस जारी करना और आपत्तियां आमंत्रित करना शामिल है, उसका पालन नहीं किया गया.
उनके अनुसार, यदि इन प्रक्रियाओं का पालन किया गया होता तो पिता आपत्ति उठा सकते थे और शायद यह शादी संपन्न नहीं हो पाती.
देवी ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने शादी को आसान बनाने के लिए अपने अधिकार का दुरुपयोग किया।अपनी याचिका में उन्होंने मांग की कि मध्य प्रदेश में दर्ज FIR में CPI(M) के नेताओं को भी आरोपी के तौर पर शामिल किया जाए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए।