सुप्रीम कोर्ट से पवन खेड़ा को मिली राहत

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समग्र समाचार सेवा
दिल्ली, १ मई: कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर फर्जी तरीके से कई पासपोर्ट रखने और जालसाजी के गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद हिंमता बिस्वा की पत्नी ने पवन खेड़ा पर मानहानि का केस दर्ज कराया था। जिसके खिलाफ पवन खेड़ा सुप्रीम कोर्ट गए जहां पवन खेड़ा को इस मामले में अंतरिम अग्रिम जमानत दे।

सुप्रीम कोर्ट में क्या बोले पवन खेड़ा

पवन खेड़ा ने कोर्ट में कहा कि उन्हें गिरफ्तार करके जलील करने की जरूरत नहीं थी और यदि अग्रिम जमानत नहीं मिली तो गिरफ्तारी-पूर्व जमानत का उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।

हिंमता बिस्वा की पत्नी ने पवन खेड़ा पर केस दर्ज कराया था

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर फर्जी तरीके से तीन देशो यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन)
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अब्बू धावी का पासपोर्ट रखने का आरोप लगाते हुए कह की तीनों पासपोर्ट चालू पासपोर्ट हैं, एक्सपायर नहीं हुए हैं. साथ ही अमेरिका की बड़ी कम्पनीं मे हिस्सेदारी का भी आरोप लगाया था ।

रिनिकी भुइयां पर दोहरी नागरिकता रखने का आरोप

पवन खेड़ा ने बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर दोहरी नागरिकता रखने का आरोप लगाते हुए कहा की भारत के कानून के हिसाब से दोहरी नागरिकता नहीं रख सकते लेकिन रिनिकी ने रखा साथ ही कहा की इसकी खबर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह को है फिर भी उनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि हिंमता बिस्वा अमित शाह के दत्तक पुत्र है।

हिमंत बिस्वा की पूरी राजनीति मुस्लिमानों के खिलाफ

पवन खेड़ा ने हिमंत बिस्वा शर्मा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा की हिमंत बिस्वा की पूरी राजनीति मुस्लिमानों के खिलाफ है लेकिन मुस्लिमानों के खिलाफ

पवन खेड़ा ने हिमंत बिस्वा शर्मा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा की हिमंत बिस्वा की पूरी राजनीति मुस्लिमानों के खिलाफ है लेकिन उनकी पत्नी तीन मुस्लिम देशो के पासपोर्ट रखती है।साथ ही क़ई प्रॉपटी का भी जिक्र किया।

हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी पर लगे आरोपों पर सफाई दी

हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा की
सर्कुलेट किए जा रहे हैं।उनमें कई स्पष्ट विसंगतियाँ दिख रही हैं।जिनसे पता चलता है कि यह डिजिटल हेरफेर की एक कमज़ोर और ख़राब कोशिश है। इसमें आधिकारिक सरनेम ‘SHARMA’ की जगह ‘SARMA’ का इस्तेमाल किया गया है।इसकी तस्वीर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कोई तस्वीर लगती है, न कि स्टैंडर्ड बायोमेट्रिक कैप्चर. इसकी यूआईडी का क्रम जन्म के अपेक्षित वर्ष के पैटर्न से मेल नहीं खाता।साथ ही राष्ट्रीयता को लेकर बेमेल दिखता है।

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