पद्म पुरस्कार 2026: देश के प्रतिभाशाली लोगों को सर्वोच्च सम्मान

गरिमामय समारोह में दिए गए पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री

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  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार 2026 प्रदान किए।
  • समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और गृह मंत्री अमित शाह उपस्थित रहे।
  • पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री श्रेणी में देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
  • शीर्ष सम्मान पाने वालों में धर्मेंद्र (मरणोपरांत), डॉ. एन. राजम, उदय कोटक, भगत सिंह कोश्यारी, प्रसेंजीत चट्टोपाध्याय, कुमार बोस आदि शामिल रहे।
  • कला, साहित्य, संगीत, चिकित्सा, समाजसेवा, उद्योग, शिक्षा और जनजीवन में योगदान के लिए ये सम्मान दिए गए।
  • राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार 2026 प्रदान

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25 मई: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित सिविल इन्वेस्टिचर सेरेमनी–I में पद्म पुरस्कार 2026 प्रदान किए। इस समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया।

समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं। कला, साहित्य, संगीत, चिकित्सा, समाजसेवा, उद्योग, शिक्षा, जनजीवन और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए ये सम्मान दिए जाते हैं।

पद्म विभूषण प्राप्तकर्ता (2)
देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण इस वर्ष दो विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किया गया—
श्री धर्मेंद्र सिंह देओल (धर्मेंद्र) – मरणोपरांत
भारतीय फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया।
डॉ. (श्रीमती) एन. राजम
विश्वप्रसिद्ध वायलिन वादक और भारतीय शास्त्रीय संगीत की महान हस्ती।

पद्म भूषण प्राप्तकर्ता (6)
इस वर्ष पद्म भूषण पाने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल हैं—
श्री शतावधानी डॉ. आर. गणेश
श्री भगत सिंह कोश्यारी – पूर्व महाराष्ट्र राज्यपाल
श्री उदय सुरेश कुमार कोटक – उद्योगपति
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा (मरणोपरांत)
डॉ. कल्लिपट्टी रामासामी पलानीस्वामी
श्री पियूष पांडे (मरणोपरांत) – विज्ञापन जगत की प्रमुख हस्ती

पद्म श्री प्राप्तकर्ता (66)
इस वर्ष 66 लोगों को पद्म श्री सम्मान दिया गया। इनमें प्रमुख नाम हैं—
श्री विश्व बंधु (मरणोपरांत), श्री भारत सिंह भारती, श्री टागा राम भील, श्री हरमनप्रीत कौर भुल्लर, श्री रतिलाल मोहनलाल बोरिसागर, श्री कुमार बोस, श्री जनार्दन बापुराव बोथे, श्री स्वामी ब्रह्मदेव, श्री प्रसेंजीत चट्टोपाध्याय, श्री देवकी अम्मा जी, डॉ. रामचंद्र गोडबोले, श्री सुनीता गोडबोले, श्री तेची गुबिन, डॉ. एच. वी. हांडे, श्री गफरुद्दीन मेवाती योगी, श्री मीर हाजी कासम, श्री रघुवीर खेडकर, श्री आर. कृष्णन किटना (मरणोपरांत), प्रो. लार्स-क्रिस्टियन कोच, प्रो. मामिडाला जगदीश कुमार, श्री प्रवीन कुमार, श्री के. विजय कुमार, श्रीरंग देवबा लाड, श्री अंकेगौड़ा एम, प्रो. सरोज मंडल, प्रो. बुद्ध रश्मि मणि, श्री निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला, डॉ. महेंद्र कुमार मिश्रा, श्री तृप्ति मुखर्जी, श्री हरिमाधव मुखोपाध्याय (मरणोपरांत), डॉ. ए. ई. मुथुनायगम, श्री सत्यनारायण नंदलाल नुवाल, श्री के. पाजनिवेल, श्री धर्मिकलाल चूनीलाल पांड्या, श्री कैलाश चंद्र पंत, श्री गारिमेला बालकृष्ण प्रसाद (मरणोपरांत), प्रो. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. गुदुरु वेंकट राव, श्री दीपिका रेड्डी, डॉ. पलकोंडा विजय आनंद रेड्डी, श्री हरिचरण सैकिया, प्रो. वेंपटी कुटुंब शास्त्री, प्रो. शफी शौक, श्री बलदेव सिंह, श्री युमनाम यात्रा सिंह (मरणोपरांत), डॉ. अशोक कुमार सिंह, शिवशंकरी, डॉ. आर. श्रीधर, प्रो. श्याम सुंदर, डॉ. एस. जी. सुशीलम्मा, श्री एन. स्वामीनाथन, डॉ. केवल कृष्ण ठाक्राल, डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी (मरणोपरांत), श्री अरविंद वैद्य, प्रो. जुझर वासी, डॉ. नारायण व्यास, श्री हेली वार, प्रो. गंभीर सिंह योंजोन।

विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली लोगों को मिला सम्मान
इस वर्ष के पद्म पुरस्कारों में फिल्म, संगीत, लोकसंस्कृति, चिकित्सा, समाजसेवा, शिक्षा, उद्योग, साहित्य और जनसेवा जैसे क्षेत्रों के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

विशेष रूप से श्री धर्मेंद्र जी (मरणोपरांत), डॉ. एन. राजम, श्री उदय कोटक, श्री भगत सिंह कोश्यारी, श्री प्रसेंजीत चट्टोपाध्याय, श्री कुमार बोस और श्री हरिचरण सैकिया जैसे नाम चर्चा में रहे।

देश की विविधता और प्रतिभा का उत्सव
पद्म पुरस्कार 2026 के जरिए देश के विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं, संस्कृतियों और क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों के योगदान को सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत की सांस्कृतिक, बौद्धिक और सामाजिक विविधता का प्रतीक है।

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