- पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने अस्थायी निर्देश जारी किए हैं।
- वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका और कुछ वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा बड़े पैमाने पर खरीद को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
- जमाखोरी, अवैध परिवहन और स्थानीय स्तर पर कृत्रिम कमी को रोकना इसका मुख्य उद्देश्य है।
- आम नागरिकों के लिए सामान्य रूप से ईंधन भरवाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
- आम उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं, जमाखोरी और कृत्रिम संकट रोकना है लक्ष्य
समग्र समाचार सेवा
असम, 12 जून: देश में पेट्रोल और डीजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने खुदरा ईंधन विक्रय केंद्रों के माध्यम से ईंधन आपूर्ति के नियमन के लिए एक अस्थायी निर्देश जारी किया है। वैश्विक स्तर पर संभावित आपूर्ति व्यवधान की स्थिति तथा कुछ वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदने की प्रवृत्ति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ईंधन की जमाखोरी, अवैध रूप से अन्य स्थानों पर परिवहन तथा स्थानीय स्तर पर कृत्रिम कमी पैदा करने की संभावनाओं को रोकना है। इससे देशभर में ईंधन का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं को अपने वाहनों में सामान्य रूप से पेट्रोल या डीजल भरवाने में किसी प्रकार की बाधा या प्रतिबंध का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह व्यवस्था मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदने वाले वाणिज्यिक उपभोक्ताओं और जमाखोरी करने वालों को ध्यान में रखकर लागू की गई है।
केंद्र सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और यह भी आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उम्मीद जताई गई है कि यह अस्थायी व्यवस्था आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी।