CBSE सिस्टम की खामियां उजागर करने वाले युवा को IIT-कानपुर में मिली नियुक्ति
OSINT और Threat Intelligence Engineer के रूप में शामिल
- CBSE की OSM (On-Screen Marking) प्रणाली में संभावित सुरक्षा खामियों को उजागर कर चर्चा में आए थे निसर्ग अधिकारी।
- 19 वर्षीय निसर्ग अधिकारी को IIT-कानपुर के C3iHub ने नियुक्त किया है।
- वह OSINT और Threat Intelligence Engineer के रूप में अनुबंध आधारित नियुक्ति पर कार्य करेंगे।
- निसर्ग ने हाल ही में कक्षा 12 की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
- वह डिजिटल प्रणालियों की कमजोरियों की पहचान और साइबर सुरक्षा मूल्यांकन में योगदान देंगे।
- IIT-कानपुर के साइबर सुरक्षा केंद्र में नई जिम्मेदारी
- साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि; C3iHub में
समग्र समाचार सेवा
कानपुर, 13 जून: CBSE की On-Screen Marking (OSM) प्रणाली में संभावित सुरक्षा कमजोरियों को उजागर कर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए 19 वर्षीय Nisarga Adhikary को C3iHub ने नियुक्त किया है। हाल ही में कक्षा 12 की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले निसर्ग ने OSINT (Open-Source Intelligence) और Threat Intelligence Engineer के रूप में अपनी नई भूमिका संभाली है।
CBSE OSM प्रणाली को लेकर उठाए थे सवाल
निसर्ग अधिकारी ने CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली OSM में एक्सेस कंट्रोल, पासवर्ड प्रबंधन और प्रमाणीकरण प्रक्रिया से जुड़ी संभावित कमजोरियों की ओर ध्यान आकर्षित किया था। इस मुद्दे ने साइबर सुरक्षा समुदाय में व्यापक चर्चा को जन्म दिया।
हालांकि, Central Board of Secondary Education ने स्पष्ट किया था कि बताई गई कमजोरियां केवल परीक्षण वातावरण तक सीमित थीं और वास्तविक मूल्यांकन प्रणाली पर उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ा था।
IIT-कानपुर की सराहना
Manindra Agrawal ने निसर्ग को एक प्रतिभाशाली और संभावनाशील युवा तकनीकी विशेषज्ञ बताया। उन्होंने कहा कि C3iHub से जुड़ने के बाद निसर्ग को अपनी क्षमताओं को और विकसित करने का अवसर मिलेगा तथा वह साइबर सुरक्षा और थ्रेट इंटेलिजेंस के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय
निसर्ग अधिकारी ने कहा कि यह उनकी पहली पूर्णकालिक साइबर सुरक्षा आधारित नौकरी है। इससे पहले वह विभिन्न स्टार्टअप्स और विदेशी संस्थानों के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य कर चुके हैं। साइबर सुरक्षा उनके प्रमुख रुचि क्षेत्रों में से एक रही है।
C3iHub में वह सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के विश्लेषण, डिजिटल प्रणालियों की कमजोरियों की पहचान और साइबर खतरों के आकलन से संबंधित कार्यों में शामिल रहेंगे। माना जा रहा है कि उनकी यह उपलब्धि देश के युवाओं को प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा देगी।