सिंगापुर को निर्यात की गई जीआई-टैग प्राप्त तेजपुर लीची
गुवाहाटी हवाई अड्डे से 500 किलोग्राम ‘पियाजी’ किस्म की लीची की खेप रवाना
- जीआई (Geographical Indication) टैग प्राप्त तेजपुर लीची की खेप सिंगापुर को निर्यात की गई।
- गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से खेप रवाना की गई।
- 500 किलोग्राम उत्कृष्ट ‘पियाजी’ किस्म की लीची विदेश भेजी गई।
- मुख्यमंत्री ने इसे असम के किसानों के लिए गर्व का क्षण बताया।
- कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर खुलने की उम्मीद।
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 13 जून: असम के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जीआई (Geographical Indication) टैग प्राप्त तेजपुर लीची की एक खेप आज सिंगापुर निर्यात की गई। मुख्यमंत्री हिम्मत विश्र्व शर्मा ने गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में इस खेप को औपचारिक रूप से रवाना किया।
इस खेप में तेजपुर की प्रसिद्ध ‘पियाजी’ किस्म की 500 किलोग्राम लीची शामिल है। अपनी सुगंध, स्वाद और उत्कृष्ट गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध यह लीची देश और विदेश दोनों में विशेष पहचान बना चुकी है।
किसानों के लिए गर्व का क्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजपुर लीची का यह अंतरराष्ट्रीय निर्यात असम के किसानों के लिए गर्व का विषय है। इससे राज्य के उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादों के प्रति वैश्विक बाजार में बढ़ती रुचि और स्वीकार्यता का पता चलता है।
वैश्विक बाजार से जुड़ाव मजबूत करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार के निर्यात से अधिक किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार असम के उत्पादकों को वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Global Value Chain) से जोड़ने और नए बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कृषि क्षेत्र के लिए नई संभावनाएं
विशेषज्ञों के अनुसार, जीआई-मान्यता प्राप्त कृषि उत्पादों के निर्यात में वृद्धि से किसानों की आय बढ़ेगी और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। तेजपुर लीची का यह सफल निर्यात भविष्य में असम के अन्य विशिष्ट कृषि उत्पादों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर पैदा कर सकता है।