हिमाचल प्रदेश में ड्रोन आधारित डाक एवं पार्सल वितरण सेवा शुरू
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की नई पहल की घोषणा
- हिमाचल प्रदेश में ड्रोन के माध्यम से डाक और पार्सल वितरण सेवा शुरू की गई।
- केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसकी घोषणा की।
- दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्रों तक तेज़ और सुगम डिलीवरी सुनिश्चित करने का उद्देश्य।
- भारतीय डाक विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
- ड्रोन तकनीक से वितरण प्रणाली की दक्षता और पहुंच बढ़ेगी।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13 जून: देश की डाक सेवाओं को अधिक आधुनिक, तेज़ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश में ड्रोन आधारित डाक एवं पार्सल वितरण सेवा शुरू की है। इसकी घोषणा केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की।
मंत्री ने कहा कि ड्रोन तकनीक के उपयोग से पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक डाक, दस्तावेज़ और पार्सल कम समय में पहुंचाए जा सकेंगे। इससे उन क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर और समयबद्ध डाक सेवाएं प्राप्त होंगी, जहां पारंपरिक परिवहन माध्यमों से पहुंचना कठिन होता है।
उन्होंने बताया कि यह पहल भारतीय डाक विभाग के डिजिटल परिवर्तन और तकनीकी आधुनिकीकरण का हिस्सा है। ड्रोन आधारित वितरण प्रणाली आपातकालीन परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी आवश्यक सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक होगी।
सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल डाक सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाएगी, बल्कि भविष्य में देश के अन्य राज्यों में भी ऐसी सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त करेगी। ड्रोन आधारित डिलीवरी प्रणाली भारत के डाक नेटवर्क को अधिक स्मार्ट, तेज़ और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।