समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 15 जून : चीन की एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सैटेलाइट इंटेलिजेंस कंपनी ने पाकिस्तान की संवेदनशील सैन्य जानकारी सार्वजनिक कर दुनिया को चौंका दिया है। मिजारविजन नामक इस चीनी कंपनी ने उच्च गुणवत्ता वाली उपग्रह तस्वीरों और एआई विश्लेषण की मदद से पाकिस्तान के वायु सेना के नूर खान एयरबेस और नौसेना की रणनीतिक संपत्तियों की लोकेशन और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उजागर कर दी हैं।रिपोर्ट के अनुसार, 15 अप्रैल की तस्वीरों के आधार पर एयरबेस पर एक नया प्रबलित कंक्रीट हैंगर देखा गया है, जिसका उपयोग मध्यम श्रेणी के बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों के लिए किया जाएगा।
इस हैंगर का निर्माण उन इलाकों में हुआ है जहाँ हाल ही में भारतीय स्टैंड-ऑफ क्रूज मिसाइल हमलों के निशान मिले थे, जिससे इसका सुरक्षा कारणों से निर्माण माना जा रहा है।इसके अलावा, 5 जून की तस्वीरों में श्रीलंका के एक बंदरगाह पर पाकिस्तान नौसेना के जहाज और अगोस्ता-90बी डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक पनडुब्बी की पहचान भी की गई है। पनडुब्बी की स्थिति का सार्वजनिक होना उसकी रणनीतिक ताकत को प्रभावित कर सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह खुलासा एआई और सैटेलाइट तकनीकों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है, जो अब केवल सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि निजी कंपनियां भी सैन्य गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।
यह पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी भी है कि उसकी सैन्य गोपनीयता अब पहले जैसी नहीं रही।चीन और पाकिस्तान के बीच करीबी संबंधों के बीच, इस खुलासे को चीन के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा या रणनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में एआई आधारित निगरानी प्रणालियों का रक्षा क्षेत्र पर और भी व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।