महाराष्ट्र : शिवसेना (यूबीटी) में फूट की आहट, 6 सांसद बैठक से गायब
इस राजनीतिक संकट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं कि शिवसेना (यूबीटी) की आगे की राह क्या होगी और क्या यह फूट पार्टी के लिए बड़े राजनीतिक नुकसान का कारण बनेगी।
- शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने पार्टी की अहम बैठक से दूरी बनाई।
- बैठक का आयोजन पार्टी के मुख्य व्हिप अनिल देसाई ने किया था।
- गैरहाजिरी की वजह से पार्टी में फूट की अटकलें तेज हो गई हैं।
- ईश्वर शिंदे गुट में शामिल होने की अफवाहों ने राजनीतिक हलचल बढ़ाई।
समग्र समाचार सेवा
महाराष्ट्र ,मुंबई 18 जून : शिवसेना (यूबीटी) में बगावत का साया गहराता जा रहा है। पार्टी के 9 में से 6 सांसदों ने गुरुवार को पार्टी के मुख्य व्हिप अनिल देसाई द्वारा बुलाई गई बैठक को अनदेखा कर दिया। यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही थी क्योंकि अफवाहें तेज हो रही हैं कि ये सांसद ईश्वर शिंदे की फाड़-फूट के शिनाख्त वाले गुट में शामिल होने जा रहे हैं।
अनिल देसाई (मुंबई साउथ सेंट्रल), अरविंद सावंत (मुंबई साउथ) और राजाभाऊ वाजे (नासिक) ने बैठक में हिस्सा लिया, जबकि राज्यसभा सांसद संजय राउत भी उपस्थित रहे। पार्टी की उम्मीद थी कि मुंबई नॉर्थ ईस्ट से सांसद संजय दीना पाटिल और धाराशिव से थैकराय समर्थक ओमराजे निम्बाळकर भी मौजूद होंगे, पर वे बैठक से गायब रहे।
इस बैठक का मकसद पार्टी की स्थिति को मजबूत बनाना था, लेकिन सांसदों की गैरहाजिरी से पार्टी के भीतर गंभीर फूट की खबरें फैल गई हैं। इससे शिवसेना की आगामी रणनीति और लोकसभा में उसकी स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
विशेष रूप से यह घटना उस वक्त सामने आई है, जब शिवसेना (यूबीटी) और ईश्वर शिंदे गुट के बीच तनाव चरम पर है। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी में गहरे विभाजन की शुरुआत मान रहे हैं।