26 जून राशिफल एवं आज का पंचांग

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🐏मेष
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। थकान रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा।

🐂वृष
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। परिवार की समस्याओं को अनदेखा न करें।

👫मिथुन
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं। संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।

🦀कर्क
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।

🐅सिंह
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। विवाद न करें। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। अधीनस्थों की ओर ध्यान दें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

🙎‍♀️कन्या
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी।

⚖️तुला
दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम न लें। विवाद से बचें। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। वाणी पर संयम रखें।

🦂वृश्चिक
लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद न करें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें। समय ठीक नहीं है। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें।

🏹धनु
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। योजनाएं फलीभूत होंगी। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें।

🐊मकर
नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें।

🍯कुंभ
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न लें। व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी।

🐟मीन
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||
🪷🙏 पंचांग 🙏🪷
🪻🌳🍂🌴🙏💞🌹👏🌷🦜

दिनाँक:-26/06/2026,शुक्रवार
द्वादशी, शुक्ल पक्ष,
ज्येष्ठ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि—‐—— द्वादशी 22:21:41. तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र——– विशाखा 19:14:55
योग-‐———– सिद्ध 11:37:42
करण————– बव 09:13:45
करण———- बालव 22:21:41
वार———————– शुक्रवार
माह————————– ज्येष्ठ
चन्द्र राशि‐—- तुला 12:32:10
चन्द्र राशि————— वृश्चिक
सूर्य राशि—————– मिथुन
रितु————————– वर्षा
आयन-‐—————- दक्षिणायन
संवत्सर——————- पराभव
संवत्सर (उत्तर) ——————रौद्र
विक्रम संवत————— 2083
गुजराती संवत————- 2082
शक संवत—————– 1948
कलि संवत—————- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————— 05:27:01
सूर्यास्त————— 19:17:08
दिन काल————- 13:50:07
रात्री काल———— 10:10:10
चंद्रोदय————— 16:25:21
चंद्रास्त—————- 26:54:06

लग्न —- मिथुन 10°12′ , 70°12′

सूर्य नक्षत्र——————- आर्द्रा
चन्द्र नक्षत्र—————- विशाखा
नक्षत्र पाया—————— रजत

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

तू—- विशाखा 05:50:05

ते—- विशाखा 12:32:10

तो—- विशाखा 19:14:55

ना—- अनुराधा 25:58:11

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मिथुन 10°12 , आर्द्रा 1 कु
चन्द्र= तुला 26°30 , विशाखा 2 तु
बुध = कर्क 01°52 ‘ पुनर्वसु 4 ही
शु क्र= कर्क 20°05, आश्लेषा 2 डू
मंगल= वृषभ 03°17 °23 कृतिका 2 ई
गुरु= कर्क 04°33 पुष्प , 1 हु
शनि=मीन 19°30 ‘ रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 08°45 शतभिषा, 1 गो
केतु= (व) सिंह 08°45 मघा 3 मू
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 10:38 – 12:22 अशुभ
यम घंटा 15:50 – 17:33 अशुभ
गुली काल 07:11 – 08:55 अशुभ
अभिजित 11:54 – 12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 08:13 – 09:08 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:50 – 13:45 अशुभ
वर्ज्यम 23:44 – 25:31* अशुभ
प्रदोष 19:17 – 21:20. शुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 05:27 – 07:11 शुभ
लाभ 07:11 – 08:55 शुभ
अमृत 08:55 – 10:38 शुभ
काल 10:38 12:22 अशुभ
शुभ 12:22 – 14:06 शुभ
रोग 14:06 – 15:50 अशुभ
उद्वेग 15:50 – 17:33 अशुभ
चर 17:33 19:17 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 19:17 – 20:33 अशुभ
काल 20:33 21:50 अशुभ
लाभ 21:50 – 23:06 शुभ
उद्वेग 23:06 – 24:22* अशुभ
शुभ 24:22* – 25:39* शुभ
अमृत 25:39* – 26:55* शुभ
चर 26:55* – 28:11* शुभ
रोग 28:11* – 29:27* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 05:27- 06:36
बुध 06:36- 07:45
चन्द्र 07:45 -08:55
शनि 08:55- 10:04
बृहस्पति 10:04- 11:13
मंगल 11:13 -12:22
सूर्य 12:22 -13:31
शुक्र 13:31- 14:40
बुध 14:40- 15:50
चन्द्र 15:50- 16:59
शनि 16:59 -18:08
बृहस्पति 18:08- 19:17

🚩होरा, रात

मंगल 19:17- 20:08
सूर्य 20:08- 20:59
शुक्र 20:59 -21:50
बुध 21:50- 22:41
चन्द्र 22:41 -23:31
शनि 23:31- 24:22
बृहस्पति 24:22-25:13
मंगल 25:13 -26:04
सूर्य 26:04-26:55
शुक्र 26:55-27:46
बुध 27:46-28:36
चन्द्र 28:36-29:27

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

मिथुन > 05:08 से 07:04 तक
कर्क > 07:04 से 09:24 तक
सिंह > 09:24 से 11:40 तक
कन्या > 11:40 से 13:54 तक
तुला > 13:54 से 16:12 तक
वृश्चिक > 16:12 से 18:32 तक
धनु > 18:32 से 20:36 तक
मकर > 20:36 से 22:22 तक
कुम्भ > 22:22 से 23:58 तक
मीन > 23:58 से 01:26 तक
मेष > 01:26 से 03:04 तक
वृषभ > 03:04 से 05:10 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

12 + 6 + 1 = 19 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास एवं फल -:

12 + 12 + 5 = 29 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*सर्वार्थ सिद्धि योग 19:15 से

*पुष्प नौका विहार राधावल्लभ जी वृन्दावन

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

राजा राष्ट्रकृतं पापं राज्ञः पापं पुरोहितः ।
भर्ता च स्त्रीकृतं पापं शिष्यपापं गुरुस्तथा ।।
।।चाoनीo।।

राजा को उसके नागरिको के पाप लगते है. राजा के यहाँ काम करने वाले पुजारी को राजा के पाप लगते है. पति को पत्नी के पाप लगते है. गुरु को उसके शिष्यों के पाप लगते है.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-8

( शुक्ल और कृष्ण मार्ग का विषय )
यत्र काले त्वनावत्तिमावृत्तिं चैव योगिनः।
प्रयाता यान्ति तं कालं वक्ष्यामि भरतर्षभ॥

हे अर्जुन! जिस काल में (यहाँ काल शब्द से मार्ग समझना चाहिए, क्योंकि आगे के श्लोकों में भगवान ने इसका नाम ‘सृति’, ‘गति’ ऐसा कहा है।) शरीर त्याग कर गए हुए योगीजन तो वापस न लौटने वाली गति को और जिस काल में गए हुए वापस लौटने वाली गति को ही प्राप्त होते हैं, उस काल को अर्थात दोनों मार्गों को कहूँगा
॥23॥

————————————–
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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