समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 6 जुलाई: भारत-ऑस्ट्रेलिया यूरेनियम समझौता: ऊर्जा क्षेत्र में नई शुरुआप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित होने जा रही है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम आपूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता होने जा रहा है, जिससे भारत की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, दोनों देश महत्वपूर्ण खनिज, साइबर सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
यूरेनियम आपूर्ति समझौते से भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को मिलेगा बल।
महत्वपूर्ण खनिज, साइबर सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा में नई साझेदारी होगी।
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौता (ECTA) के तहत द्विपक्षीय व्यापार $54.4 बिलियन तक पहुंचा।
दोनों देशों के CEOs मंच में निवेश और तकनीकी अवसरों पर भी चर्चा होगी।
ऑस्ट्रेलिया, जिसके पास दुनिया का एक तिहाई यूरेनियम भंडार है, भारत को यूरेनियम आपूर्ति के लिए तैयार है। यह करार एक दशक पुराने फ्रेमवर्क पर आधारित है और इससे भारत के औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्रों को जरूरी कच्चा माल भी मिलेगा। व्यापार और निवेश के नए अवसरों के साथ, भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी और गहरी होगी।लंबी-पूंछ वाले हिंदी कीवर्ड्स:
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