- पैसे की आवश्यकता: रतन लकड़ा के बैंक खाते में सरकारी पेंशन के पैसे थे, जो उनके इलाज के लिए जरूरी थे।
- ई-केवाईसी में देरी: बैंक ने ई-केवाईसी पूरा न होने के कारण तीन महीने तक पैसे नहीं दिए। परिवार का आरोप है कि बैंक प्रबंधक ने बार-बार दौड़ाया।
- मौत के बाद प्रदर्शन: इलाज में देरी और पैसे न मिलने के कारण रतन लकड़ा की मौत हो गई, जिसके बाद परिवार और गांव वालों ने बैंक के बाहर शव के साथ प्रदर्शन किया।
समग्र समाचार सेवा
झारखंड 7 जुलाई : झारखंड के गढ़वा जिले के बड़गड़ थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां बैंक द्वारा पैसे समय पर न देने के कारण एक आदिवासी व्यक्ति रतन लकड़ा की मौत हो गई। परिवार और ग्रामीणों ने शव के साथ झारखंड ग्रामीण बैंक के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
बैंक और पुलिस का पक्ष: बैंक का कहना है कि ई-केवाईसी पूरा होने के बाद कोई पैसा निकालने नहीं आया, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।इस घटना ने बैंकिंग व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहा है