समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 7 जुलाई : मंत्रालय में अचानक बड़ा फेरबदल में हाल ही में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में एक दुर्लभ प्रशासनिक शुद्धिकरण देखने को मिला, जब उनके तीन प्रमुख सहयोगियों को एक ही दिन में उनके पदों से हटा दिया गया। इसमें मंत्री के निजी सचिव अमर सिंह को “प्रशासनिक कारणों” से उनके मूल विभाग, राजस्व विभाग, भेज दिया गया। अमर सिंह 2021 से मंत्री के साथ जुड़े थे और हाल ही में निदेशक पद पर पदोन्नत हुए थे।
इसी तरह, अतिरिक्त निजी सचिव शैलेश कुमार सिंह को भी “पूर्व समय” में ही उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया। उन्हें तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से मुक्त किया गया है और उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ( DoPT) में रिपोर्ट करने को कहा गया है।तीसरे आदेश में अयुष सारन की नियुक्ति, जो एक अन्य अतिरिक्त निजी सचिव थे, “तत्काल प्रभाव” से समाप्त कर दी गई। इस आदेश की कॉपी प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और डोप्ट सहित अन्य संबंधित विभागों को भी भेजी गई है।इन सभी आदेशों से मंत्रालय में हलचल मच गई है और उच्च स्तरीय प्रशासनिक बदलाव को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।
हालांकि, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय मंत्रालय के भीतर पारदर्शिता और प्रशासनिक अनुशासन को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया हो सकता है।इस अचानक और एक साथ की गई कार्रवाई ने मंत्रालय के प्रशासनिक तंत्र में एक नई बहस छेड़ दी है कि आखिरकार इतने बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी।