- विधानसभा में माओवादी हिंसा के अंत और बस्तर में शांति बहाली पर केंद्र सरकार व सुरक्षा बलों के प्रति आभार प्रस्ताव पारित।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, विकास आधारित रणनीति और केंद्र-राज्य समन्वय से अभियान को गति मिली।
- 2024 में बनी समयबद्ध उन्मूलन योजना के अनुसार सुरक्षा और विकास कार्यों को विस्तार मिला, “बस्तर रोडमैप 2.0” तैयार।
- कांग्रेस ने चर्चा में भाग नहीं लिया, सत्तापक्ष ने विपक्ष के पलायन को दुर्भाग्यपूर्ण और नीति-नीयत पर सवाल उठाए।
समग्र समाचार सेवा
रायपुर | 15 जुलाई : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन माओवादी हिंसा के खात्मे और बस्तर में शांति बहाली के लिए केंद्र सरकार तथा सुरक्षा बलों के सहयोग पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विशेष आभार प्रस्ताव पेश किया। चर्चा के बाद यह प्रस्ताव पारित हुआ, जिसे सत्तापक्ष ने राज्य की सुरक्षा और विकास के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री साय ने सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सुरक्षा बलों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए समन्वित सुरक्षा व विकास आधारित रणनीति अपनाई है। 24 अगस्त 2024 को उच्चस्तरीय बैठक के बाद समयबद्ध कार्ययोजना बनी और उसी अनुसार सुरक्षा अभियानों के साथ विकास कार्यों का विस्तार हुआ। अब सरकार का ध्यान बस्तर के समग्र, समावेशी और दीर्घकालिक विकास पर है, जिसके लिए “बस्तर रोडमैप 2.0” लागू किया गया है।
विपक्षी कांग्रेस ने इस चर्चा में भाग नहीं लिया। मुख्यमंत्री साय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कांग्रेस महत्वपूर्ण विषयों से पलायन करती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी कहा कि प्रदेश में शांति लाने में केंद्र और राज्य सरकारों की भूमिका अहम रही है और विपक्ष को इस उपलब्धि को स्वीकारना चाहिए।