ईपीएफओ 3.0: पेंशन देने की तैयारी, गिग वर्कर्स को भी मिलेगा लाभ

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  • ईपीएफओ 3.0 में गिग, प्लेटफॉर्म और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भी पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा
  • नई व्यवस्था में कर्मचारी के खाते में नियमित योगदान, सरकारी सिक्योरिटी में निवेश और ब्याज का लाभ मिलेगा
  • रिटायरमेंट के समय एकमुश्त रकम या नियमित पेंशन—दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे
  • सरकार, कंपनियां, एनजीओ, सीएसआर फंड और डिजिटल टिप के जरिए भी फंड में योगदान संभव

 समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली , 22 जुलाई: देश की रिटायरमेंट व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने वाला है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने प्रस्तावित ईपीएफओ 3.0 सुधारों के तहत ऐसी पेंशन योजना ला रहा है, जिसमें नौकरीपेशा ही नहीं, गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी भी शामिल होंगे। फिलहाल सरकार ने इस योजना की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन इसका खाका लगभग तैयार है।

ईपीएफओ 3.0 के तहत सदस्य अपनी रिटायरमेंट जरूरत के हिसाब से टारगेट सेट कर सकेंगे और सिस्टम उन्हें बताएगा कि लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हर माह कितना योगदान करना होगा। डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए पूरी जानकारी—जमा राशि, अनुमानित पेंशन, योगदान की प्रगति—सदस्य को एक ही जगह मिलेगी।

इस योजना में रिटायरमेंट के बाद सदस्य अपनी जरूरत के अनुसार पैसे निकाल सकते हैं—चाहें तो पूरी रकम एन्युटी में लगाकर मासिक पेंशन लें या सिस्टेमैटिक विदड्रॉल प्लान अपनाएं। सरकार का लक्ष्य है अगले पांच सालों में 2.5 करोड़ गिग वर्कर्स को इस योजना से जोड़ना। एक यूएएन के जरिए अलग-अलग कंपनियों से मिलने वाला योगदान एक ही जगह रिकॉर्ड होगा। परिवार के लिए सर्वाइवर पेंशन जैसी सुविधाएं भी प्रस्ताव का हिस्सा हैं।

ईपीएफओ 3.0 को कोर बैंकिंग सिस्टम पर विकसित किया जाएगा ताकि फंड का प्रबंधन और क्लेम प्रक्रिया तेज व पारदर्शी हो। फिलहाल यह योजना प्रस्तावित है, इसकी घोषणा और लागू होने की तारीख सरकार तय करेगी।

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