- 661 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड मामले में आरोपी विक्रम वाधवा को इलाज के नाम पर जेल से निकालकर अस्पताल के बजाय चंडीगढ़ के होटल ले जाया गया।
- होटल में वाधवा ने अपने परिवार और अन्य लोगों से मुलाकात की; पुलिस को फरारी की साजिश की भी आशंका।
- मामले में दो पुलिसकर्मियों सहित कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी, वाधवा के दो बेटे भी शामिल।
- पुलिसकर्मी अदालत की अनुमति के बाद वाधवा को सरकारी अस्पताल ले गए, फिर निजी वाहन से होटल सिटीहार्ट ले गए।
- सभी आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज, पूछताछ जारी।
समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 5 अगस्त : हरियाणा और चंडीगढ़ के चर्चित 661 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फ्रॉड मामले में जेल में बंद आरोपी विक्रम वाधवा को इलाज के नाम पर अस्पताल ले जाने की अनुमति मिली थी, लेकिन पुलिसकर्मी उसे सीधे चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित होटल सिटीहार्ट ले गए।
होटल में वाधवा ने अपने परिवार और अन्य लोगों से मुलाकात की और काफी देर तक आराम किया। पुलिस को आशंका है कि होटल में फरार होने की योजना पर भी बातचीत हुई होगी।
इस मामले में सेक्टर-26 पुलिस लाइन से सब-इंस्पेक्टर जगमेहर और एएसआई सुरिंदर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें वाधवा के बेटे करण और कुणाल भी शामिल हैं।
पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और केस की तफ्तीश जारी है।
मामला सामने आने के बाद जेल और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।