- बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कैद सुनाई।
- ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को पलटा गया; सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने “नो मीन्स नो” का सख्त संदेश देने की अपील की।
- तेजपाल के वकील ने उनकी उम्र, पहली गलती और सुप्रीम कोर्ट में अपील की मंशा के आधार पर नरमी की मांग की।
- कोर्ट ने IPC की कई धाराओं में दोषी पाते हुए 5 लाख का जुर्माना भी लगाया; तेजपाल की सजा पर स्टे की अपील पर कोर्ट से आठ हफ्ते की मोहलत मांगी गई।
- कोर्ट ने कहा—दोषी ने कोई पछतावा नहीं दिखाया, पीड़िता की परिपक्वता को आरोपित के पक्ष में लाभ नहीं मिलना चाहिए।
समग्र समाचार सेवा
गोवा/मुंबई, 6 अगस्त : बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा डिवीजन बेंच ने तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कैद और आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से “नो मीन्स नो” का स्पष्ट संदेश देने की मांग की, जबकि तेजपाल के वकील ने उनकी उम्र और पहली गलती का हवाला दिया।
कोर्ट ने IPC की विभिन्न धाराओं (376(2)(f), 376(2)(k), 354A, 354B) में दोषी मानते हुए जुर्माना और अलग-अलग सजा सुनाई।
तेजपाल ने कोर्ट से सजा पर रोक और सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए समय मांगा, कोर्ट ने उनकी याचिका पर विचार किया।
इस फैसले को महिला सुरक्षा के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।