- भारत की राजनीति में विदेशी नेताओं का सम्मानइटली दूतावास ने राहुल गांधी द्वारा पीएम जॉर्जिया मेलोनी पर की गई टिप्पणी पर चिंता जताई।
- कहा—भारत की आंतरिक राजनीति में इटली की प्रधानमंत्री का अपमान उचित नहीं।
- दूतावास ने दोनों देशों के आपसी सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित लंबे संबंधों की पुन: पुष्टि की।
- बयान के बाद राजनीतिक हलकों और राजनयिक जगत में तीखी प्रतिक्रिया, आपसी सम्मान बनाए रखने पर जोर।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14 अगस्त : नई दिल्ली स्थित इटली दूतावास ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर की गई टिप्पणी पर औपचारिक चिंता जताते हुए कहा है कि भारत की घरेलू राजनीति को किसी अन्य देश के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेतृत्व का अपमान करने का बहाना नहीं बनाना चाहिए।दूतावास के बयान में कहा गया, “हम भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक बहस का सम्मान करते हैं, लेकिन यही सम्मान इटली और उसके चुने गए नेतृत्व के लिए भी अपेक्षित है।” दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल इटली की प्रधानमंत्री का उपहास या अपमान करने के लिए नहीं होना चाहिए।इटली दूतावास ने भारत-इटली के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और परस्पर सम्मान, गरिमा व लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित दोस्ती को पुन: रेखांकित किया। साथ ही कहा कि राजनीतिक बहस स्वागत योग्य है, मगर इटली की प्रधानमंत्री का अपमान अस्वीकार्य है।यह राजनयिक प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए बयान के बाद आई, जिसने दोनों देशों के राजनीतिक व कूटनीतिक हलकों में बहस को जन्म दिया। दूतावास के बयान ने यह रेखांकित किया कि घरेलू राजनीतिक मतभेदों के बावजूद मित्र देशों के बीच राजनयिक शिष्टाचार और आपसी सम्मान कायम रहना चाहिए।