भाजपा का राहुल गांधी पर हमला: ‘कैमराजीवी ड्रामा’ बताया

दिल्ली में गरमाया माहौल: भाजपा ने राहुल गांधी के धरने को बताया 'कैमराजीवी ड्रामा'

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  • कैमराजीवी ड्रामा: भाजपा ने राहुल गांधी के थाने के बाहर धरने को पूरी तरह से राजनीतिक और ‘कैमराजीवी ड्रामा’ करार दिया है।
  • ध्यान भटकाने का आरोप: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दावा किया कि यह धरना ‘वंदे मातरम’ विवाद से जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।
  • सस्ती राजनीति: भाजपा ने राहुल गांधी पर छात्रों के हितों के बजाय अपनी ‘सस्ती राजनीति’ चमकाने का आरोप लगाया है।

नई दिल्ली, 21 अगस्त: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा पुलिस थाने के बाहर किए जा रहे धरने को लेकर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के इस विरोध प्रदर्शन को ‘कैमराजीवी ड्रामा’ करार देते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला बताया है। भाजपा का स्पष्ट मानना है कि यह धरना न तो छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए है और न ही किसी ठोस मुद्दे पर आधारित, बल्कि यह केवल मीडिया की सुर्खियों में बने रहने का एक राजनीतिक हथकंडा है।

वंदे मातरम विवाद से ध्यान भटकाने की साजिश?

भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद का यह कदम हालिया ‘वंदे मातरम’ विवाद से ध्यान हटाने की एक सोची-समझी रणनीति है। नड्डा ने कहा कि देश की जनता अब सब समझती है और इस प्रकार की ‘सस्ती राजनीति’ का सच सभी के सामने है। भाजपा के अनुसार, राहुल गांधी किसी भी गंभीर मुद्दे पर बात करने के बजाय केवल दिखावे और हंगामे की राजनीति पर भरोसा कर रहे हैं, जिससे देश के मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकता है।

क्या छात्रों के हितों का ख्याल है?

भाजपा ने सवाल उठाया है कि अगर राहुल गांधी वाकई में गंभीर होते, तो वे संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते, न कि थाने के बाहर बैठकर तमाशा करते। भाजपा प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि छात्रों का नाम लेकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना राहुल गांधी की पुरानी आदत बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा यह साबित करता है कि इनका लक्ष्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर

राहुल गांधी के थाने के बाहर धरने पर बैठने और वहां ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भजन गाने के बाद से ही दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने जहां इसे छात्र के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करना बताया है, वहीं भाजपा ने इसे पूरी तरह से प्रायोजित और अनावश्यक बताया है। इस जुबानी जंग में अब दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर जमकर निशाना साध रही हैं। फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक गतिरोध कब और किस मोड़ पर समाप्त होता है।

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