यूपी में ओला-उबर के लिए बदले नियम, नई गाइडलाइन्स

यूपी में ओला, उबर और डिलीवरी सेवाओं के लिए बदले नियम

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  • यूपी में ओला-उबर नियम: योगी सरकार ने यात्री सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक एवं वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026’ लागू की है।
  • एग्रीगेटर पोर्टल: सरकार ने ड्राइवरों और कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए नया ‘upmyfleet.com’ एग्रीगेटर पोर्टल शुरू किया है।
  • किराये में पारदर्शिता: कैब और डिलीवरी सेवाओं में मनमानी रोकने के लिए किराए और सेवाओं के लिए नए मानक निर्धारित किए गए हैं।

लखनऊ, 21 अगस्त: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में परिवहन और डिलीवरी सेवाओं को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से बड़ा बदलाव किया है। योगी सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक एवं वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026’ को लागू कर दिया है। इस नई नियमावली का मुख्य उद्देश्य ओला, उबर जैसी कैब कंपनियों और अन्य डिलीवरी ऐप आधारित सेवाओं की कार्यप्रणाली में सुधार करना है, ताकि आम जनता को बेहतर और सुरक्षित सुविधा मिल सके।

नई नियमावली और यात्री सुरक्षा

योगी सरकार द्वारा लाए गए इन नए नियमों के तहत अब कैब और डिलीवरी कंपनियों की मनमानी पर लगाम लगेगी। अक्सर बुकिंग के बाद कंपनियों या ड्राइवरों द्वारा सेवा रद्द करने या किराए में मनमानी वृद्धि की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इस नई व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, ड्राइवरों के कल्याण, वाहनों के प्रदूषण की नियमित निगरानी, और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण मानक भी तय किए गए हैं।

एग्रीगेटर पोर्टल ‘upmyfleet.com’ की शुरुआत

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने विशेष रूप से ‘upmyfleet.com’ एग्रीगेटर पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से सरकार अब सीधे इन डिजिटल सेवा प्रदाताओं की निगरानी करेगी। इससे न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि कंपनियों को सरकारी नियमों के दायरे में रहकर काम करना होगा। यह पोर्टल ड्राइवरों और सेवा प्रदाताओं के लिए पंजीकरण और संचालन का एक मुख्य माध्यम बनेगा।

किराए में पारदर्शिता और शिकायतों का निवारण

नई नियमावली के अंतर्गत, कंपनियों को अब किराए के निर्धारण और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा तय किए गए मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि किसी भी स्तर पर यात्रियों को परेशानी होती है, तो उनके लिए शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। सरकार का यह कदम राज्य में डिजिटल अर्थव्यवस्था और परिवहन क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान करेगा। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले हजारों लोगों को भी एक व्यवस्थित कार्यक्षेत्र प्राप्त होगा। यह परिवर्तन डिजिटल युग में राज्य सरकार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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