विकास चंद्र त्रिपाठी बने संभल के नए एसपी
प्रशासनिक फेरबदल और नई नियुक्तियां
- विकास चंद्र त्रिपाठी संभल के नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) नियुक्त किए गए हैं।
- उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रशासनिक फेरबदल के तहत संभल के पिछले एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का तबादला बिजनौर कर दिया गया है।
- नए एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी इससे पहले बाराबंकी में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास चंद्र त्रिपाठी संभल के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार सौंप दिया है। इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत संभल जिले की कमान अब एक अनुभवी और तेज तर्रार अधिकारी को दी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन और अधिक सक्रिय नजर आएगा।
प्रशासनिक फेरबदल और नई नियुक्तियां
हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों के क्रम में संभल के पूर्व एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का तबादला कर उन्हें बिजनौर भेजा गया है। उनकी जगह पर बाराबंकी में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत रहे विकास चंद्र त्रिपाठी संभल की जिम्मेदारी संभालेंगे। शासन स्तर पर यह निर्णय कानून-व्यवस्था को और बेहतर ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
कौन हैं विकास चंद्र त्रिपाठी?
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले विकास चंद्र त्रिपाठी संभल में अपनी नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं। उनके पिता का नाम चंद्र प्रकाश त्रिपाठी है। शैक्षणिक रूप से एमए की डिग्री प्राप्त कर चुके विकास चंद्र त्रिपाठी इससे पहले लखनऊ में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, वह लंबे समय तक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का भी हिस्सा रह चुके हैं, जहां उन्होंने कई अहम मामलों में अपनी दक्षता साबित की है।
महाकुंभ में निभाई थी अहम भूमिका
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) की चुनौती को संभालने के लिए शासन द्वारा विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। उस दौरान कानून व्यवस्था के अतिरिक्त महानिदेशक के स्टाफ अधिकारी के रूप में विकास चंद्र त्रिपाठी संभल जैसे संवेदनशील जिलों में तैनाती से पहले भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा रणनीति को बेहतर ढंग से लागू करने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी कार्यकुशलता और प्रशासनिक सूझबूझ को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे जिले में सुरक्षा व्यवस्था के और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।