समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 7 सितंबर :भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को गुवाहाटी की ऐतिहासिक और पवित्र कामाख्या मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने देश के सतत विकास, शांति, समृद्धि और सभी नागरिकों के कल्याण के लिए मां कामाख्या से आशीर्वाद मांगा। मंदिर प्रबंधन समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने उपराष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
मां कामाख्या मंदिर न सिर्फ असम बल्कि पूरे भारत के सबसे महत्वपूर्ण शक्तिपीठों में से एक है, जहां देवी की आराधना के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उपराष्ट्रपति ने मंदिर में पहुंचकर पूजा की और राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द्र और सांस्कृतिक समृद्धि की प्रार्थना की। वे मंदिर की शांत वातावरण और आध्यात्मिकता से गहराई से प्रभावित नजर आए।
श्री राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा, “आज गुवाहाटी के पूज्य कामाख्या मंदिर में दर्शन और पूजा कर देश के निरंतर विकास और सभी नागरिकों के कल्याण, शांति और समृद्धि के लिए मां कामाख्या से प्रार्थना की। मां से आशीर्वाद मांगा कि भारत प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे और सभी भारतवासियों को सुख, स्वास्थ्य और शक्ति मिले।”
मंदिर समिति के सदस्यों ने भी उपराष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं और उनके आगमन को मंदिर के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, उपराष्ट्रपति की यात्रा ने असम की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता के संदेश को और मजबूत किया है।
उपराष्ट्रपति का यह दौरा गुवाहाटी विश्वविद्यालय के शिलान्यास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच हुआ, जिससे असम को राष्ट्रव्यापी मान्यता और गौरव प्राप्त हुआ। राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कामाख्या मंदिर पहुंचकर उपराष्ट्रपति के साथ पूजा में भाग लिया।
यह यात्रा भारतीय परंपरा, आस्था और प्रगति के संगम का प्रतीक बन गई है, जहां राजनीति, शिक्षा और संस्कृति का अद्भुत मेल स्पष्ट रूप से अनुभव किया गया।