शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह का हुआ तलाक
अनूपपुर जिले की राजेंद्रग्राम अदालत ने आपसी सहमति से दी तलाक की डिक्री, वर्ष 2021 से अलग रह रहे थे सांसद पति-पत्नी।
- शहडोल की बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का आपसी सहमति से कानूनी तलाक हो गया है।
- अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम कोर्ट ने तलाक की डिक्री जारी कर दी है, और दोनों वर्ष 2021 से अलग रह रहे थे।
- उनकी बेटी की कस्टडी हिमाद्री सिंह को मिली है, जबकि उनका राजनीतिक परिवार लंबे समय से मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहा है।
समग्र समाचार सेवा
अनूपपुर / शहडोल, 15 सितंबर: मध्य प्रदेश की राजनीति और शहडोल संसदीय क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। शहडोल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद और दिग्गज राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली हिमाद्री सिंह का अपने पति नरेंद्र सिंह मरावी से कानूनी रूप से तलाक हो गया है। यह तलाक आपसी सहमति (Mutual Consent) के आधार पर हुआ है। दोनों ने अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम स्थित अदालत के समक्ष यह बात स्वीकार की थी कि अब उनके बीच वैवाहिक जीवन को आगे बढ़ाना संभव नहीं है और वे लंबे समय से अलग-अलग जीवन व्यतीत कर रहे थे। अदालत ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद तलाक की आधिकारिक डिक्री जारी कर दी है।
वर्ष 2017 में हुआ था विवाह और 2021 से थे अलग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का विवाह वर्ष 2017 में बड़े धूमधाम से हुआ था। शुरुआती कुछ वर्षों के बाद दोनों के पारिवारिक जीवन में वैचारिक मतभेद उभरने लगे, जिसके चलते वे वर्ष 2021 से ही एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। आपसी दूरियों को पाटने के तमाम प्रयासों के जब कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकले, तो दोनों ने अंततः आपसी रजामंदी से कानूनी रास्ते पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि बिना किसी दबाव के उन्होंने स्वेच्छा से अलग होने का फैसला किया है। इस दंपती की एक बेटी भी है, जिसकी परवरिश और कस्टडी अब सांसद हिमाद्री सिंह के पास ही रहेगी।
राजनीतिक विरासत और प्रतिष्ठित परिवार की पृष्ठभूमि
हिमाद्री सिंह का राजनीतिक इतिहास काफी मजबूत और प्रतिष्ठित रहा है। वह कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद दलबीर सिंह की पुत्री हैं। उनके पिता दलबीर सिंह ने शहडोल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं और वे पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी चुने गए थे। इसके अलावा, हिमाद्री की माता राजेश नंदनी सिंह भी अपने राजनीतिक सफर के दौरान एक बार विधायक और एक बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। इस प्रकार, मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में इस परिवार का राजनीतिक प्रभाव और जनाधार बहुत गहरा माना जाता है।
सार्वजनिक जीवन और व्यक्तिगत निर्णयों पर चर्चा
चूंकि हिमाद्री सिंह वर्तमान में एक लोकप्रिय जनप्रतनिधि हैं, इसलिए उनके निजी जीवन से जुड़ा यह फैसला राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। हालांकि, जनप्रतिनिधियों के व्यक्तिगत जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव और कानूनी तलाक के मामलों को उनके राजनीतिक दायित्वों से अलग देखा जाना चाहिए। अदालत के फैसले के बाद दोनों पक्षों ने गोपनीयता और आपसी सम्मान बनाए रखने की बात कही है। सांसद हिमाद्री सिंह अब पूरी तरह से अपने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों और जनता की सेवा के प्रति समर्पित नजर आ रही हैं, और उनके समर्थकों ने भी उनके इस कठिन दौर में उन्हें नैतिक समर्थन प्रदान किया है।