समग्र समाचार सेवा
हरिद्वार, 18 सितंबर :देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक निठारी कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल रहे सुरेंद्र कोली की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हरिद्वार के एक चाय की दुकान से शुक्रवार को उसका शव बरामद किया गया। कोली, जिसे 2006 में गिरफ्तार किया गया था और कई मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी, हाल ही में अदालत द्वारा बरी कर दिया गया था।
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, 50 वर्षीय सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार की एक छोटी सी चाय की दुकान चला रहा था। शुक्रवार सुबह दुकान के भीतर उसका शव पाया गया। पुलिस ने बताया कि दुकान के पास कोई संघर्ष या हिंसक वारदात के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
कोली की मौत ने एक बार फिर निठारी कांड और उसके काले सच को सुर्खियों में ला दिया है। 2006 में नोएडा के निठारी गांव में बच्चों सहित कई लोगों के गायब होने और हत्या के मामले में सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था। उसे विभिन्न मामलों में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन साक्ष्य की कमी व कानूनी पेचिदगियों के चलते 2026 में उसे बरी कर दिया गया था।
स्थानीय लोगों और कई पूर्व पुलिस अधिकारियों ने कोली की मौत को रहस्यमय बताया है। कुछ लोग इसे आत्महत्या मान रहे हैं, तो कुछ हत्या की आशंका भी जता रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र कोली की मौत ने एक बार फिर निठारी हत्याकांड की भयावहता, न्याय व्यवस्था की चुनौतियां और अपराध के बाद की सामाजिक त्रासदी पर बहस छेड़ दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत का सच सामने आ सकेगा।