दिवाली से पहले नोएडा में खाद्य विभाग की छापेमारी
गौतमबुद्धनगर में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के 18 वेयरहाउस और स्टोरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 16 को नोटिस।
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खाद्य विभाग की बड़ी छापेमारी।
- बिग बास्केट और ब्लिंकिट समेत 16 स्टोरों को थमाए गए नोटिस।
- पनीर, तिल के तेल और मूंगफली के नमूने जांच के लिए भेजे गए।
समग्र समाचार सेवा
नोएडा, 27 अक्तूबर: त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और लापरवाह कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में दीपावली के पावन अवसर पर मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने एक व्यापक और सघन जांच अभियान चलाया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के तहत विभाग ने 24 और 25 अक्टूबर को जिलेभर में विभिन्न ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स वेयरहाउसों पर अचानक ताबड़तोड़ छापेमारी की।
इस औचक कार्रवाई के दौरान कई बड़े ब्रांड्स और ऑनलाइन स्टोरों पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए 16 स्टोरों को सुधार नोटिस जारी किए हैं।
ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स और डार्क स्टोरों पर की गई औचक जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की अलग-अलग टीमों ने ग्रेटर नोएडा और नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित प्रमुख ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के कुल 18 वेयरहाउस और डार्क स्टोरों का भौतिक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 स्थित बिग बास्केट और ब्लिंकिट के बड़े वेयरहाउसों की जांच की। निरीक्षण के दौरान इन परिसरों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद असंतोषजनक पाई गई और आवश्यक कानूनी व व्यावसायिक अभिलेख भी मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
इसके अलावा, दादरी और अन्य क्षेत्रों में स्थित स्विगी तथा जोमैटो हाइपरमार्ट के स्टोरों पर भी अधिकारियों ने पहुंचकर स्टॉक की गुणवत्ता परखी। जोमैटो हाइपरमार्ट से पनीर का नमूना संग्रह किया गया, जबकि साफ-सफाई के मानकों की अनदेखी करने पर उन्हें भी औपचारिक नोटिस थमाए गए। सूरजपुर, बीटा-1 ग्रेटर नोएडा और नोएडा के पॉश सेक्टर-62 स्थित ब्लिंकिट स्टोरों पर भी इसी प्रकार की कमियां मिलने पर कड़ी कार्रवाई की गई। सूरजपुर स्थित स्टोर से मूंगफली के दाने का नमूना लिया गया।
जेप्टो स्टोर के कोल्ड रूम में मिली गंदगी, संचालन रोका गया
नोएडा के सेक्टर-135 स्थित जेप्टो (Zepto) स्टोर के निरीक्षण के दौरान स्थिति काफी गंभीर पाई गई। अधिकारियों ने पाया कि स्टोर के कोल्ड रूम में भारी गंदगी और अव्यवस्था फैली हुई थी। जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली इस स्थिति को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधार होने तक उस कोल्ड रूम का संचालन पूरी तरह बंद करवा दिया। इसके साथ ही, मौके पर जरूरी दस्तावेज न मिलने के कारण स्टोर प्रबंधन को सुधार नोटिस भी जारी किया गया।
अभियान के दौरान पी-1 ग्रेटर नोएडा स्थित जियोमार्ट, पी-3 स्थित केवी एंटरप्राइजेज और जेप्टो स्टोर, इकोटेक-4 स्थित ए एंड डी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-128 नोएडा स्थित स्विगी स्टोर, शाहदरा स्थित जेप्टो डार्क स्टोर और तुगलपुर स्थित अमेजन स्टोर की भी बारीकी से जांच की गई।
प्रयोगशाला भेजे गए खाद्य पदार्थों के नमूने
जांच अभियान के तहत अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों से संदिग्ध खाद्य वस्तुओं के नमूने (Samples) एकत्र किए हैं। ग्रेटर नोएडा के मथुरापुर स्थित पीजे टीजे टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के स्टोर से तिल का तेल (Sesame Oil) का नमूना संग्रहित किया गया। इसके अलावा पनीर और मूंगफली के दाने के नमूने भी लिए गए हैं।
विभाग ने कुल तीन प्रमुख खाद्य नमूनों को गुणवत्ता और सुरक्षा की मानक जांच के लिए राज्य की आधिकारिक प्रयोगशाला में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद इन खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी, और यदि कोई गंभीर मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दस्तावेजों और एसओपी के पालन में मिली भारी लापरवाही
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कई बड़े वेयरहाउस और स्टोर खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करने में लापरवाही बरत रहे थे। निरीक्षण में कई प्रतिष्ठानों पर कामगारों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (Health Certificates), कीट नियंत्रण रिपोर्ट (Pest Control Report), और एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों को समय पर स्टोर से हटाने से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे। विभाग ने सभी प्रतिष्ठानों को चेतावनी दी है कि वे तुरंत इन कमियों को दूर करें और सभी जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
सहायक आयुक्त का बयान और आगे की चेतावनी
सहायक आयुक्त (खाद्य-द्वितीय) सर्वेश मिश्रा ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन त्योहारी सीजन में नागरिकों को मिलावट मुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जांच अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम जनता तक पहुंचने वाला हर खाद्य एवं पेय पदार्थ पूरी तरह से सुरक्षित और मानक के अनुरूप हो।
निष्कर्ष
त्योहारों के सीजन में इस प्रकार की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह कदम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा और बाजार में शुद्धता बनाए रखने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और जरूरी कदम साबित हो रहा है।